नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। हालांकि टीम भारत के आई आई सी विश्व कप 2015 में बेहतर प्रदर्शन पर सारे देशवासियों की नजरें रहेंगी,पर आप दूसरे भारतीयों को भी मत भूलिए। उनके प्रदर्शन पर भी नजर रखिए।
अगर बात इंगलैंड से शुरू करें तो अंग्रेजों की टीम में हरफनमौला खिलाड़ी रवि बोपारा रहेंगे। वे बीते सालों से इंगलैंड की एकदिवसीय टीम में हैं। वे दायें हाथ से बल्लेबाजी करते हैं और मध्यम गति से गेंद भी फेंक लेते हैं। उनका परिवार पंजाब से संबंध रखता है।
हाशिम आमला से उम्मीदें
साऊथ अफ्रीका की टीम में हाशिम आमला हैं। वे सलामी बल्लेबाज हैं। उनके प्रदर्शन पर निर्भर करेगा कि साऊथ अफ्रीका टीम किस तरह का प्रदर्शन करती हैं। उनके पुरखे गुजरात के नवसारी शहर से साऊथ अफ्रीका में जाकर बस गए थे। वे गुजराती बोल लेते हैं।
खाड़ी में दो भारतीय
यूनाइटेड अरब अमीरत की टीम में कृष्ण चंद्रन हैं। वे केरल से संबंध रखते हैं। 30 साल के चंद्रन हरफनमौला खिलाड़ी हैं। इसी टीम में स्वपनील पाचिल भी हैंष वे विकेट कीपर हैं। ठोस बल्लेबाज भी हैं।
अब बात हो जाए वेस्ट इंडीज टीम की। इसमें दो भारत वंशी खेल रहे हैं। दिनेश रामदीन विकेट कीपर हैं। वे उम्दा बल्लेबाज भी हैं। वे वेस्ट इंडीज टीम के कप्तान भी रहे हैं।दूसरे भारतवंशी सुनील नारायण हैं। वे आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स टीम से भी खेलते हैं। वे गजब के स्पिनर हैं।
वरिष्ठ क्रिकेट लेखक और कमेंटेटर रवि चतुर्वेदी कहते हैं कि अब ज्यादातर मशहूर टीमों में भारतवंशी रहते हैं। पहले वेस्ट इंडीज टीम में ही रहते थे। मतलब साफ है कि भारतवंशी दूसरे देशों में जाकर क्रिकेट को समृद्ध कर रहे हैं।