सौरव गांगुली के साथ विवाद पर मोहम्मद अजहरुद्दीन ने तोड़ी चुप्पी, बताया कैसा था रिश्ता
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने अपने नेतृत्व में भारत को कई सालों तक अतंर्राष्ट्रीय क्रिकेट में विजयी बनाया। उन्हीं की कप्तानी के दौरान भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के मौजूदा अध्यक्ष सौरव गांगुली ने डेब्यू किया था। हालांकि शुरुआती कुछ मैच के बाद ही सौरव गांगुली को टीम से बाहर कर दिया गया और करीब 4 साल बाद वह टीम में वापसी कर सके। इस दौरान कई मीडिया हाउस ने रिपोर्ट किया कि मोहम्मद अजहरुद्दीन और सौरव गांगुली के बीच सब कुछ ठीक नहीं होने के चलते ही उन्हें टीम से बाहर किया गया और दोनों में तल्खियों के कई खबरें रिपोर्ट की।
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हालांकि इस घटना के करीब 2 दशक बाद पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने अपने और गांगुली के रिश्तों को लेकर चुप्पी तोड़ी और बताया कि असल में दोनों के बीच कैसा रिश्ता था। इस दौरान उन्होंने कई चौंकाने वाली बातों का भी खुलासा किया।
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मोहम्मद अजहरुद्दीन ने तोड़ी चुप्पी
अपने और सौरव गांगुली के रिश्ते पर चुप्पी तोड़ते हुए मोहम्मद अजहरुद्दीन ने एक फेसबुक लाइव के दौरान खुलकर बात की और उस किस्से के बारे में जब गांगुली ने खिलाड़ियों को ड्रिक्स पिलाने से इंकार कर दिया था। उल्लेखनीय है कि सौरव गांगुली पर अक्सर आरोप लगते रहे हैं कि वह शुरुआती दिनों में काफी अनुशासनहीन खिलाड़ी थे और उन्होंने एक मैच के दौरान 12वें खिलाड़ी के तौर पर ड्रिंक्स ले जाने से इंकार कर दिया।
उन्होंने कहा,' यह सभी बातें महज एक अफवाह हैं। कभी-कभी लोग सिर्फ लिखने के लिए ऐसी बातें लिख देते हैं। ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था, लोगों ने बस झूठी कहानियां गढ़ी।'

अनुशासनहीन नहीं थे गांगुली
मोहम्मद अजहरुद्दीन ने 1992 में डेब्यू करने वाले सौरव गांगुली की तारीफ करते हुए कहा कि वह बिल्कुल भी अनुशासन हीन खिलाड़ी नहीं थे। उन्होंने अपने शुरुआती मैचों में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था, लेकिन आगे चलकर उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। इसके चार साल बाद गांगुली ने वापसी की और शानदार शतक जमाया।
उन्होंने कहा, 'दादा काफी टैलेंटेड थे। मुझे लगता है कि उन्होंने दो-तीन पारियां ही खेली थी लेकिन जब उनका समय आया तो बेस्ट ओपनर बने। सौरव गांगुली बिलकुल भी अनुशासनहीन नहीं थे, वो बेहद ही अच्छे इंसान थे। वो सभी की इज्जत करते थे और इसीलिए वो इतने बड़े कप्तान बने। यही एक बड़े कप्तान की पहचान होती है।'

ऐसा था गांगुली का करियर
गौरतलब है कि सौरव गांगुली ने भारत के लिए 113 टेस्ट मैचों में 42 से ज्यादा की औसत से 7212 रन बनाए। इश दौरान उन्होंने 16 भी लगाये। इसके साथ ही 311 वनडे मैचों में उन्होंने 11363 रन ठोके. गांगुली ने वनडे में भी 22 शतक लगाए. इसके अलावा गांगुली ने वनडे में 100 और टेस्ट में 32 विकेट लिये।
आपको बता दें मोहम्मद अजहरुद्दीन की ही भारत को सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण, सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गज बल्लेबाज मिले। इसी दौरान ही सचिन तेंदुलकर को टीम के लिये ओपन करने कि मौका दिया।
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