क्या है क्रिकेट की पहेली डकवर्थ लुइस मेथड और यह कैसे काम करता है
ई दिल्ली। क्रिकेट का खेल संभावनाओं का खेल है। क्रिकेट का खेल पूरा हो इसके लिए मैदान में 22 खिलाड़ियों और 2 अंपायरों की ज़रूरत होती है, लेकिन खेल सही तरीके से पूरा हो इसके लिए इन्द्र देवता को खुश रखना बेहद जरूरी है। बारिश की वजह से क्रिकेट का खेल पूरा बिगड़ जाता है। जीती हुई टीमें बारिश के चलते हार जाती है तो वहीं हाथ से निकला हुआ मैच भी बारिश की वजह से जीत लिया जाता है। इस सबके पीछे क्रिकेट का वो नियम जिम्मेदार है, जिसे डकवर्थ लुईस नियम कहते हैं।
इस नियम की वजह से कई बार टीमें जीता हुआ मैच भी बारिश की वजह से हार जाती हैं। हाल ही में ऐसा इंग्लैंड में खेले जा रहे चैंपियंस ट्रॉफी में भी देखने को मिला, जहां न्यूजीलैंड के साथ खेले गए मैच में बारिश के कारण टीम इंडिया को डकवर्थ नियम के अनुसार 45 रन जीत मिली। ऐसे में आज हम आपको इस डकवर्थ लुईस नियम के बारे में बताते हैं। आइए जानें क्या है डकवर्थ-लुईस नियम?

क्या है डकवर्थ-लुईस नियम?
डकवर्थ-लुईस नियम दो सांख्यिकी विशेषज्ञ फ्रेंक डकवर्थ और टोनी लुईस के नाम पर रखा गया। दोनों के सरनेम को जोड़कर ही डकवर्थ-लुईस नियम नाम रखा गया। काफी विवादों के बाद इस नियम को क्रिकेट में अब तक रखा गया है। इसे काफी रनों की गणना का सटीक तरीका माना जाता है। यह नियम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त हैं।

कैसे करता है काम
इस नियम के तहत किसी भी निर्धारित ओवरों वाले मैच में दोनों टीम के पास रन बनाने में उपयोग होने वाले दो विकेट और ओवर के आधार पर की जाती है। डकवर्थ लुईस के नियम के तहत किसी भी निर्धारित ओवरों वाले मैच में इसकी गणना दोनों टीम के पास रन बनाने में उपयोग होने वाले दो स्त्रोत विकेट और ओवर के आधार पर की जाती है।

कैसे करते है रन कैलकुलेट
अगर पहली पारी के बाद दूसरे पारी में बारिश होती है तो बैटिंग कर रही टीम के लिए सीमित ओवरों में टारगेट स्कोर कैलकुलेट करता है। टारगेट स्कोर के लिए इस नियम के तरह स्कोर कैलकुलेट करना बेहद आसान है। इसके लिए एक रेफरेंस टेबल की जरूरत होती है, जिसपर मैथमेटिक कैलकुलेशन की जाती है।

रेफरेंस टेबल से होती है गणना
डकवर्थ लुइस की गणना कुल बचे ओवर और बाक़ी बचे विकेट को ध्यान में रखकर की जाती है। इसी के आधार पर रेफरेंस टेबल तैयार की गई है, जिससे गणना की जाती है कि मैच के अलग-अलग पड़ावों पर बल्लेबाजी कर रही टीम के पास कितने प्रतिशत साधन बाक़ी हैं। इस रेफरेंस टेबल के मुताबिक जैसे-जैसे टीम अपने ओवर इस्तेमाल करती है और विकेट खोती है, उसके साधन भी उसी हिसाब से कम होते जाते हैं।

कैसे करते हैं रनों की गणना
मान लीजिए अगर कोई टीम 20 ओवर खेल चुकी और उसके 2 विकेट भी गिर चुके हैं तो रेफरेंस टेबल के मुताबिक उसके पास 68.2 प्रतिशत साधन बचे है। ऐसे में अगर बारिश हो जाती है और खेल दोबारा शुरू होता है तो अब उस टीम के पास 20 ओवर बाकी हैं और उसने 2 विकेट खोए हैं तो सूची के हिसाब से इस स्थिति में इसके पास मात्र 54 प्रतिशत साधन बचे हैं। यानी जब बारिश शुरु हुई तब इस टीम के पास 68.2 प्रतिशत साधन थे, जब दोबारा खेल शुरू हुआ तो 54 प्रतिशत साधन बचे। यानि इस टीम को 68.2 - 54= 14.2 प्रतिशत साधनों का नुकसान हुआ।

क्रिकेट में साधनों की गणना
यानी इस टीम को 100 प्रतिशत साधन थे, जिसमें से 14.2 प्रतिशत कता इसे नुकसान हुए। यानी टीम ने 100-14.2 = 85.8 प्रतिशत साधन का इस्तेमाल किया। ऐसे में बारिश के बाद बैंटिग कर रही टीम को कम साधन मिले, यानी उनके रन घटाए जाएंगे, जबकि यदि बारिश पहले खेल रही टीम को परेशान करती है तो बाद में बैटिंग कर रही टीम का लक्ष्य बढ़ाया जाएगा।

कैन बनेगा विजेता
डकवर्थ लुईस नियम के मुताबिक अगर बारिश दूसरी पारी में खेल रही टीम के बैटिंग के दौरान हुई और उसे 50 ओवर में 250 रन का लक्ष्य मिला है और दूसरी टीम 40 ओवर में 5 विकेट खोकर 199 रन बना चुकी है तो डकवर्थ लुइस नियम के मुताबिक उस टीम के पास 27.5 प्रतिशत साधन बाक़ी बचे थे और अगर आगे का खेल रद्द हो गया तो इसका मतलब दूसरी टीम को पूरे 27.5 प्रतिशत साधनों का नुकसान हो गया। यानी उसने 100 - 27.5 = 72.5 प्रतिशत साधन ही इस्तेमाल किए। यानी दूसरी टीम का लक्ष्य 72.5 / 100 घटाया जाएगा। यानी दूसरी टीम का लक्ष्य अब 250 x 72.5 / 100 = 181.25 होगा। यानी दूसरी टीम को 182 रन चाहिए। यानी बाद में बैटिंग करने वाली 18 रन से जीत गई।
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