साहस व धय की बदौलत विनय ने बनाई टीम में जगह
विनय जब क्रिकेट को अपना करियर बनाने के लिए उत्सुक थे उस वक्त उनके पिता रिक्शा चालक का काम करते थे। वह कहते हैं, "मेरे पिताजी और मेरी मां ने मेरे लिए बहुत कुर्बानी दी है।"
विनय को 2004 में उसी समय से ही राष्ट्रीय टीम में बुलावे का इंतजार था जब उन्होंने अपने पदार्पण रणजी ट्रॉफी मुकाबले में सौरव गांगुली सहित पांच खिलाड़ियों के विकेट चटकाए थे।
टीम में न चुने जाने से निराश होने पर वह अनिल कुंबले और राहुल द्रविड़ से फोन पर पूछा करते थे क्या उनका प्रदर्शन अभी भी चयन के स्तर तक नहीं हैं।
विनय कहते हैं, "दोनों मुझे हमेशा उत्साहित किया करते थे और कहते थे कि मेरा समय भी आएगा। मुझे अच्छा प्रदर्शन जारी रखना चाहिए।"
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा, कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ के अध्यक्ष श्रीकांतदत्ता नरसिम्हाराजा वाडियार और द्रविड़ व कुंबले ने टीम में चयन पर विनय को बधाई दी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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