'धोनी की तरह नरम होते तो कोहली इतने रन नहीं बनाते', हरभजन ने दिया बयान

नई दिल्ली। विराट कोहली आधुनिक युग के महानतम बल्लेबाजों में से एक हैं। भारतीय टेस्ट कप्तान कोहली ने खेल के तीनों प्रारूपों में 70 अंतरराष्ट्रीय शतक और औसत 50 से अधिक बनाए हैं। कोहली की कप्तानी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया में अपनी पहली टेस्ट सीरीज जीत दर्ज की थी और विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के फाइनल में भी पहुंचा । वहीं हाल ही में संन्यास लेने वाले भारतीय स्पिन गेंदबाजी के महान हरभजन सिंह ने कोहली के आक्रामक रवैये के लिए उनकी सराहना की है। साथ ही उन्हें कहा कि धोनी की तरह नरम ना होने के कारण ही कोहली आज खूब रन बना चुके हैं।

हरभजन ने यह भी कहा कि कोहली के नेतृत्व में भारतीय टीम हमेशा हर टेस्ट मैच जीतना चाहती है। हरभजन सिंह ने द हिंदुस्तान टाइम्स के हवाले से कहा, "यह वास्तव में पूरी तरह से उपयुक्त है और टीम को आगे ले जाने के लिए हमें टीम में उसके जैसे खिलाड़ियों की जरूरत है। जब टीम ऑस्ट्रेलिया जाती थी तो यही सोचते थे कि टेस्ट मैच को कैसे बचाया जाए। विराट की कप्तानी में टीम यह सोचकर ऑस्ट्रेलिया जाती है कि वे टेस्ट सीरीज कैसे जीत सकते हैं।"

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धोनी की तरह नरम होते तो इतने रन नहीं बनाते

धोनी की तरह नरम होते तो इतने रन नहीं बनाते

हरभजन सिंह ने यह भी कहा कि भारतीय टेस्ट टीम ने ऑस्ट्रेलिया को कंगारुओं को उनके घर में हराया है, जबकि उन्होंने कोहली के नेतृत्व में इंग्लैंड में भी बहुत अच्छा खेला है। हरभजन ने यह कहते हुए निष्कर्ष निकाला कि अगर कोहली एमएस धोनी की तरह नरम होते तो उन्होंने अपने करियर में जितने रन बनाए, उतने रन नहीं बन होते। हरभजन ने कहा, "और यही वह बदलाव है जिसे आपने इस भारतीय पक्ष में देखा है। वे ऑस्ट्रेलिया गए और उन्हें दो बार हराया, उन्होंने इंग्लैंड में अच्छा खेला और मुझे उम्मीद है कि वह माैजूदा समय जारी टेस्ट सीरीज में साउथ अफ्रीका को हरा देंगे। इसलिए कोहली ने एक कप्तान के रूप में अपनी भूमिका बखूबी निभाई है। और आक्रामक रवैये ने विराट कोहली को आज बहुत बड़ा खिलाड़ी बना दिया है। अगर वह एमएस धोनी की तरह नरम होते, तो मुझे नहीं लगता कि उन्होंने इतने रन बनाए होते, जितने कि बना चुके हैं।"

जब धोनी कप्तान बने, तो मैं 'कोई' था

जब धोनी कप्तान बने, तो मैं 'कोई' था

इसके अलावा हरभजन ने साैरव गांगुली और धोनी की कप्तानी में खेलने का अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि जब मैं कुछ भी नहीं था तो तब गांगुली ने मेरा हाथ थामा था लेकिन जब धोनी ने कप्तानी संभाली थी तब मैं कुछ बन चुका था। हरभजन ने कहा, 'यह मेरे लिए एक आसान जवाब है क्योंकि गांगुली ने मुझे उस दाैर में संभाला था जब मैं कुछ भी नहीं था। लेकिन जब धोनी कप्तान बने, तो मैं 'कोई' था। इसलिए आपको बड़े अंतर को समझने की जरूरत है। गांगुली में हुनर को पहचान चुके थे लेकिन मुझे नहीं पता था कि मैं कर पाऊंगा या नहीं। धोनी के मामले में ये रहा कि उन्हें पता था कि मैंने टीम के लिए क्या किया है। उन्हें पता था कि मैंने टीम के लिए कई बड़े मैच खेले हैं और उनके लिए भी कुछ मैच जीतूंगा।''

धोनी ने सौरव की विरासत को आगे बढ़ाया

धोनी ने सौरव की विरासत को आगे बढ़ाया

हालांकि हरभजन ने धोनी की कप्तानी की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ''धोनी भी बेहतर कप्तान रहे हैं और उन्होंने सौरव की विरासत को आगे बढ़ाया और धोनी के साथ मिलकर हमने कुछ बड़ी लड़ाइयां लड़ीं जिन्हें मैं निश्चित रूप से संजो कर रखूंगा।'' बता दें कि 41 वर्षीय स्पिनर ने देश के लिए कई बार मैच जिताऊ प्रदर्शन किए और कई यादगार पारियां खेलीं। उन्होंने 367 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में अलग-अलग फाॅर्मेट में कुल मिलाकर 711 विकेट अपने नाम किए।

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Story first published: Tuesday, December 28, 2021, 16:00 [IST]
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