नई दिल्ली। आईपीएल 11 के इस सीजन में दिल्ली डेयरडेविल्स की राह आसान होती नहीं दिख रही है। इस सीरीज में दिल्ली की टीम को लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है। अब तक दिल्ली ने 6 मैच खेले हैं और सिर्फ एक ही मैच जीत सकी है। सोमवार को हुए मुकाबले में दिल्ली को आस जगी थी कि वो इस मुकाबले को जीत सकते हैं। अपने घरेलू मैदान फिरेजशाह कोटला में गौतम गंभीर की दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम किंग्स इलेवन पंजाब को हराने के मकसद से उतरी जरूर थी लेकिन एक बार फिर उन्हें निराशा ही हाथ लगी।
टॉस जीतकर दिल्ली की टीम ने पहले गेंदबाजी का निर्णय लिया। गंभीर का यह फैसला सही भी था क्योंकि पंजाब इस मैच में कोई बड़ा स्कोर नहीं खड़ा कर पाई। 143 का लक्ष्य दिल्ली के सामने था जो लग रहा था कि दिल्ली की टीम इस लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लेगी, लेकिन हुआ इसका उल्टा और दिल्ली की टीम केवल 139 रन ही बना सकी। हालांकि इस मुकाबले में क्रिस गेल नहीं खेल रहे जिसकी कमी पंजाब की टीम पर साफ दिखी और टीम एक मजबूत लक्ष्य नहीं खड़ा कर पाई, लेकिन इसके बावजूद पंजाब रन से यह मैच जीत गया।
ऐसे पलट गया मैचः एक समय लग रहा था की दिल्ली आसानी से लक्ष्य हासिल कर लेगी लेकिन कोई भी बल्लेबाज ज्यादा देर तक मैदान पर नहीं टिक सका। हालांकि मैच में रोमांच उस वक्त पैदै हो गया जब दिल्ली की टीम को अंतिम 2 ओवर में जीत के लिए 21 रन की दरकार थी। श्रेयस क्रीज पर मौजूद थे जो कि बहुत अच्छा खेल रहे थे, जिससे लग रहा था कि यह मैच दिल्ली के ही झोली में जाएगा। लेकिन 19वां ओवर शुरू हो इससे फहले पंजाब के खिलाड़ियों के बीच लंबी रणनीति बनी। बरिंदर सरन और मुजीब उर रहमान दो ही अच्छे गेंदबाज पंजाब के खेमे में बचे हुए थे। लेकिन कप्तान ने सरन पर भरोसा जताया, टीम के सभी दिग्गज खिलाड़ियों ने सरन को समझाया खासतौर पर सरन के साथ पंजाब में रणजी खेलने वाले युवराज ने उन्हें समझाया। सरन को युवराज अच्छे से जानते हैं ऐसे में सरन ने भी युवराज काभरोसा नहीं तोड़ा और 4 रन देकर प्लंकेट का विकेट भी झटक लिया। अगर दिल्ली इस ओवर में बेहतर रन बना पाती तो दिल्ली यह मैच आसानी से जीत जाता। लेकिन 19वें ओवर में ही यह मैच दिल्ली के हाथ से फिसल गया।