नई दिल्ली। दुनिया भर में तबाही मचाने वाली महामारी कोरोना वायरस से बचाव के लिये केंद्र सरकार ने भारत में जारी देश व्यापी लॉकडाउन को 31 मई तक बढ़ाने का ऐलान किया है। इसको लेकर गृह मंत्रालय ने नई गाइडलाइंस जारी की है जिसमें खेल जगत को थोड़ी रियायत मिली है तो बीसीसीआई के पास एक बार फिर से क्रिकेट को मैदान पर वापस लाने का मौका है। हालांकि केंद्र सरकार ने साफ किया है कि इस दौरान दर्शकों को अभी भी इकट्ठा होकर मैच देखने की इजाजत नहीं दी जायेगी।
गृह मंत्रालय की ओर से जारी किये गये नये दिशा निर्देशों के अनुसार 31 मई तक बढ़ाये गये लॉकडाउन 4.0 में स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स और स्टेडियम को खोलने की इजाजत मिल गई है। हालांकि इस दौरान दर्शकों के इकट्ठा होने पर पाबंदी बरकरार रहेगी। ऐसे में एक बड़ा सवाल यह निकलकर आता है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड सरकार के इस फैसले पर क्या करना चाहती है, वह इसका इस्तेमाल सिर्फ अभ्यास के लिये करेगी या फिर किसी द्विपक्षीय सीरीज और आईपीएल के साथ वापस लौटना चाहेगी।
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आधिकारिक सूत्रों के अनुसार बीसीसीआई फिलहाल सरकार की ओर से स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स और स्टेडियम की ओर से दी गई छूट का इस्तेमाल सिर्फ अभ्यास के लिये करेगी और आने वाले दिनों में परिस्थिति के हिसाब से फैसला लेगी।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में लाइव चैट के दौरान भारतीय टीम के उपकप्तान और रोहित शर्मा ने कहा था कि किसी भी टूर्नामेंट को शुरु करने से पहले खिलाड़ियों को कम से कम 1 महीने के अभ्यास की जरूरत है तो ऐसे में बीसीसीआई भी इस वक्त का इस्तेमाल अभ्यास के लिये करना चाहेगी और इस दौरान आगे की सीरीज और टूर्नामेंट को लेकर प्लान करेगी।
गौरतलब है कि 28 मई को आईसीसी क्रिकेट समिति की बैठक में ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 विश्व कप के आयोजन और टालने पर फैसला होगा जिसमें यह तय हो जायेगा कि आईपीएल का आयोजन होगा या नहीं।
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आपको बता दें कि IPL के 13वें सीजन को फिलहाल बीसीसीआई ने कोरोना वायरस महामारी के चलते अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर रखा है, लेकिन बोर्ड नया शेड्यूल तैयार करने पर विचार कर रहा है। आईपीएल 2020 के रद्द होने की स्थिति में 4,000 करोड़ रुपए का नुकसान होगा।