कराची, 15 जून (आईएएनएस)। तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीबीसी) न्यायाधीकरण के उस फैसले के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाने के संकेत दिए हैं जिसके तहत उन पर लगे पांच वर्षो के प्रतिबंध की अवधि घटाकर 18 महीने कर दी गई थी और साथ ही उन पर 70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
पीबीसी के अध्यक्ष नदीम अशरफ ने कहा है कि शोएब सिर्फ अदालत में ही अपील कर सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि पिछले अप्रैल माह में शोएब पर पांच सालों के लिए प्रतिबंध लगाया था। उन पर आचार संहिता का लगातार उल्लंघन करते रहने का आरोप था।
शोएब ने न्यायाधीकरण के फैसले पर नाखुशी जताते हुए कहा, "यह फैसला ठीक वैसा ही है जैसा किसी को आधा जीवन जीने का ही हक दिया गया हो। अपने अगले रुख के बारे में मै अपने वकीलों से सलाह लेने के बाद ही कोई निर्णय करूंगा।"
उधर, अशरफ ने एक टेलिवीजन चैनल को बताया, "शोएब चाहे तो उच्च न्यायालय जाए या फिर उच्चतम न्यायालय। तीन सदस्यीय न्यायधीकरण के फैसले से पीसीबी से कोई लेना देना नहीं है।"
उन्होंने कहा कि न्यायाधीकरण के फैसले को सिर्फ अदालत में ही चुनौती दी जा सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।