नई दिल्ली। महेंद्र सिंह धोनी ने उनकी फॉर्म को लेकर सवाल उठा रहे आलोचकों के मुंह पर शनिवार शाम को ताला जड़ दिया है। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ धोनी ने मैच को शानदार तरीके से फिनिश करते हुए आखिरी गेंद पर पुणे को टीम दिलाई। आईपीएल के दसवें सीजन में धोनी की ये पहली फिफ्टी है। इस पारी में धोनी ने कई कारनामे किए हैं।
हैदराबाद ने पुणे को 177 रन का लक्ष्य दिया था, जिसे पुणे ने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया। धोनी ने अंतिम गेंद पर चौका लगाकर टीम की झोली में जीत डाली। एमएस धोनी 34 गेंदों में 61 रन बनाकर नाबाद रहे। उनको मैन ऑफ द मैच चुना गया।
पहली बार आखिरी गेंद पर जीत
आईपीएल के मौजूदा सीजन में पहली बार ऐसा हुआ है, जब किसी टीम ने स्कोर का पीछा करते हुए आखिरी गेंद पर जीत हासिल की हो। आखिरी गेंद पर चौका मार धोनी ने पुणे को जीत दिलाई। आईपीएल के पिछले सीजन में भी धोनी ने अपनी टीम को आखिरी गेंद पर जीत दिलाई थी। उस समय सामने किंग्स इलेवन पंजाब थी। धोनी कभी अपनी पूर्व टीम चेन्नई के लिए आखिरी बॉल पर जीत दिलाने का कारनामा ना कर सके थे।
आखिरी 11 गेंदों पर 35 रन
धोनी ने नाबाद 61 रनों की पारी खेली लेकिन जहां पहली 23 गेंदों में उन्होंने 35 रन बनाए तो वहीं बाद ही 11 गेंदों में 35 रन ठोक डाले और टीम को जीत दिला दी।
आखिरी दो ओवर में 30 रन
19वें ओवर में इस भुवनेश्वर कुमार से धोनी और मनोज तिवारी की जोड़ी ने 17 रन बटोरे और फिर अंतिम ओवर में पुणे को जीत के लिए 11 रन चाहिए थे। 20वां ओवर लेकर आए गेंदबाज सिद्धार्थ कौल की पहली गेंद को मनोज तिवारी ने चौके के लिए भेजा और दूसरी गेंद पर सिंगल लिया। धोनी ने भी तीसरी गेंद पर सिंगल लिया। चौथी गेंद पर तिवारी ने सिंगल लिया। पांचवीं गेंद पर धोनी ने दो रन लिए। आखिरी गेंद में जीत को चार रन चाहिएं थे और धोनी ने चौका जड़ टीम को जीत दिला दी।