चरमरा सकती है क्रिकेट की अर्थव्यवस्था
सिडनी/लंदन, 29 नवंबर: मुंबई पर हुए आतंकी हमले के मद्देनजर भारत और इंग्लैंड के बीच सात मैचों की एकदिवसीय सीरीज के अंतिम दो मैच निरस्त कर दिये गये। जाहिर है इन दो मैचों के निरस्त होने पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को बड़ा घाटा हुआ है।
लेकिन आने वाले समय में इस आतंकी हमले से न केवल बीसीसीआई को बल्कि संपूर्ण क्रिकेट जगत की अर्थव्यवस्था चरमारा सकती है। वो इसलिए क्योंकि दुनिया भर में क्रिकेट से इकठ्ठा होने वाले राजस्व का 70 फीसदी केवल भारत से आता है।
आतंकी हमले के दूसरे दिन ब्रिटेन के एक समाचार पत्र 'टाइम्स' ने यह मुद्दा उठाया। इस मामले पर लांग रिच इंश्योर्स कंपनी के निदेशक और खेल बीमा के जानकार जोनाथन टाइकहर्स्ट का कहना है कि एशियाई देशों में भारत में क्रिकेट की साख काफी मजूबत है। पाकिस्तान और श्रीलंका की बात करें तो वो पहले से ही अपनी राजनीतिक समस्याओं से जूझ रहे हैं।
टाइकहर्स्ट का कहना है कि मुंबई में हुए आतंकी हमले के मद्देनजर जो सबसे बड़ा असर पड़ेगा वो है इंश्योरेंस कम्पनियों द्वारा प्रीमियम की राशि बढ़ाया जाना। ऐसी घटनाओं को देखते हुए भारत और दुनिया भर की बीमा कंपनियां किसी खेल आयोजन के रद्द किए जाने के बदले दी जाने वाली रकम का प्रीमियम बढ़ा सकती हैं।
चैंपियंस लीग के रद्द किए जाने से 1.5 करोड़ डॉलर के राजस्व का घाटा होगा। एक भारतीय कंपनी ने इस टूर्नामेंट के इंश्योरेंस की दावेदारी 30 हजार डॉलर में हासिल की है।
चैंपियंस लीग के रद्द होने से आस्ट्रेलिया को भी नुकसान उठाना पड़ा है। पश्चिमी आस्ट्रेलिया और विक्टोरिया टीमों को इस टूर्नामेंट में खेलने के लिए 2.5 लाख डॉलर मिलने थे जबकि क्रिकेट आस्ट्रेलिया (सीए) को प्रतियोगिता से होने वाली आय का 25 फीसदी हिस्सा मिलना था। इस तरह आस्ट्रेलिया को लाखों डॉलर का नुकसान होने की आशंका है।
हिल एंड नॉलंटन कंपनी के खेल विपणन एवं प्रायोजक विभाग के प्रबंध निदेशक एंडी सदरलैंड का कहना है कि यह तो तय है कि भारत की घटना से काफी नुकसान होगा। इसका असर क्रिकेट बोर्डों की अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई दे सकता है।
लेकिन आने वाले समय में इस आतंकी हमले से न केवल बीसीसीआई को बल्कि संपूर्ण क्रिकेट जगत की अर्थव्यवस्था चरमारा सकती है। वो इसलिए क्योंकि दुनिया भर में क्रिकेट से इकठ्ठा होने वाले राजस्व का 70 फीसदी केवल भारत से आता है।
आतंकी हमले के दूसरे दिन ब्रिटेन के एक समाचार पत्र 'टाइम्स' ने यह मुद्दा उठाया। इस मामले पर लांग रिच इंश्योर्स कंपनी के निदेशक और खेल बीमा के जानकार जोनाथन टाइकहर्स्ट का कहना है कि एशियाई देशों में भारत में क्रिकेट की साख काफी मजूबत है। पाकिस्तान और श्रीलंका की बात करें तो वो पहले से ही अपनी राजनीतिक समस्याओं से जूझ रहे हैं।
टाइकहर्स्ट का कहना है कि मुंबई में हुए आतंकी हमले के मद्देनजर जो सबसे बड़ा असर पड़ेगा वो है इंश्योरेंस कम्पनियों द्वारा प्रीमियम की राशि बढ़ाया जाना। ऐसी घटनाओं को देखते हुए भारत और दुनिया भर की बीमा कंपनियां किसी खेल आयोजन के रद्द किए जाने के बदले दी जाने वाली रकम का प्रीमियम बढ़ा सकती हैं।
चैंपियंस लीग के रद्द किए जाने से 1.5 करोड़ डॉलर के राजस्व का घाटा होगा। एक भारतीय कंपनी ने इस टूर्नामेंट के इंश्योरेंस की दावेदारी 30 हजार डॉलर में हासिल की है।
चैंपियंस लीग के रद्द होने से आस्ट्रेलिया को भी नुकसान उठाना पड़ा है। पश्चिमी आस्ट्रेलिया और विक्टोरिया टीमों को इस टूर्नामेंट में खेलने के लिए 2.5 लाख डॉलर मिलने थे जबकि क्रिकेट आस्ट्रेलिया (सीए) को प्रतियोगिता से होने वाली आय का 25 फीसदी हिस्सा मिलना था। इस तरह आस्ट्रेलिया को लाखों डॉलर का नुकसान होने की आशंका है।
हिल एंड नॉलंटन कंपनी के खेल विपणन एवं प्रायोजक विभाग के प्रबंध निदेशक एंडी सदरलैंड का कहना है कि यह तो तय है कि भारत की घटना से काफी नुकसान होगा। इसका असर क्रिकेट बोर्डों की अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई दे सकता है।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:19 [IST]
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