श्रीलंका का एकमात्र स्वर्णपदक संकट में
स्वर्ण पदक जीतने के बाद श्रीलंका में मंजू का ज़ोरदार स्वागत हुआ था
दिल्ली में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में श्रीलंका के एकमात्र स्वर्णपदक विजेता मंजू वन्नियारच्ची प्रतिबंधित दवा के परीक्षण में विफल हो गए हैं.
श्रीलंका की नेशनल ओलम्पिक समिति के अध्यक्ष हेमासिरी फ़रनेंडो ने बीबीसी को बताया कि बैंटमवेट मुक्केबाज़ मंजू ने स्वीकार किया कि उन्होने छ महीने पहले ये दवा दमे के इलाज के लिए ली थी.
उनके चिकित्सक ने भी स्वीकार किया कि उन्होने वन्नियारच्ची को प्रदर्शन बेहतर करने वाली प्रतिबंधित दवा नेंड्रोलोन का इंजैक्शन दिया था.
नेशनल ओलम्पिक समिति ने फ़िलहाल उनका स्वर्ण पदक अपने पास रख लिया है.
वन्नियारच्ची 14 दिनों के भीतर दूसरा परीक्षण किए जाने की अपील कर सकते हैं.
लेकिन अगर वो दूसरे परीक्षण में भी असफल रहे तो उनका पदक छीन लिया जाएगा और ब्रिटेन के वेल्स प्रांत के मुक्केबाज़ शॉन मैक्गोल्डरिक को दे दिया जाएगा.
न्यूपोर्ट में जन्मे मैक्गोल्डरिक वेल्स की नौ सदस्यों वाली टीम में सबसे कम उम्र के खिलाड़ी थे.
दिल्ली में हुई प्रतियोगिता में मंजू से हारने के बाद उन्हे थोड़ी निराशा तो हुई थी लेकिन उन्होने कहा था,"मैंने पूरा ज़ोर लगाया था लेकिन मैं रजत पदक पाकर भी बहुत ख़ुश हूं".
दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में मंजू दिनेश कुमार वन्नियारच्ची ने शॉन मैक्गोल्डरिक को हराकर स्वर्ण पदक जीता था.
स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से श्रीलंका को पहली बार मुक्केबाज़ी में स्वर्ण पदक मिला था और वन्नियारच्ची हीरो बनकर स्वदेश लौटे थे.
- Male
- Female
- Others
- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


Click it and Unblock the Notifications
