नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टी-20 मैच में टीम इंडिया ने शानदार जीत दर्ज करके 3 मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली है। लेकिन इस जीत के बावजूद कप्तान विराट कोहली के एक फैसले की पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने आलोचना की है। मोहम्मद कैफ ने टीम में श्रेयस अय्यर को शामिल नहीं किए जाने के कोहली के फैसले पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि खराब समय में खिलाड़ी का साथ नहीं देना ठीक नहीं है, पूर्व कप्तान सौरव गांगुली अपने दिनों में खराब दौर में खिलाड़ियों का साथ दिया करते थे।
अय्यर अहम खिलाड़ी
बता दें कि श्रेयस अय्यर को पहले टी-20 में प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया था। इससे पहले तीन वनडे मैचों में अय्यर ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी लाइन अप के सामने जूझते नजर आए थे। कैफ ने कहा कि अय्यर ने अलग-अलग क्रम पर न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में अपना बेहतर खेल दिखाया है। आईपीएल में भी उनका प्रदर्शन अच्छा रहा है। इस समय अय्यर अहम खिलाड़ी हैं, चौथे नंबर पर वह काफी महत्वपूर्ण बल्लेबाज हैं, जो खेल को अच्छा फिनिश करते हैं। आप आईपीएल की बात करें या फिर न्यूजीलैंड सीरीज की, जब वह नंबर चार पर खेल रहे थे तो 33 गेंद पर 50 रनों की पारी खेली थी।
फैसले पर खड़ा किया सवाल
कैफ ने कहा कि अय्यर ने दो या तीन ओडीआई पारी में खास नहीं किया, इस वजह से पहले टी-20 मैच में उन्हें टीम में शामिल नहीं किया गया। यह भारतीय टीम की संस्कृति ही, हम इसे समझते हैं। मैं इस बात से चकित नहीं हूं कि उन्हें टीम में शामिल नहीं किया गया, यह रवि शास्त्री और विराट कोहली की सोच है, खिलाड़ी इसे समझते हैं। खिलाड़ियों को यह बता है कि उन्हें दो पारी और मिलेगी।
सौरव गांगुली से तुलना
सौरव गांगुली के साथ दिनों को याद करते हुए कैफ ने कहा कि जब हम दादा के साथ खेलते थे तो ऐसा नहीं थे। दादा अगर किसी खिलाड़ी को चुनते थे तो वह उसे तबतक खिलाते थे जबतक उन्हें इस बात का विश्वास था कि यह खिलाड़ी अच्छा कर सकता है। लिहाजा कोहली को भी बतौर कप्तान कुछ ऐसा सोचना चाहिए। आखिर हम क्यों दादा के बारे में बात करते हैं, आखिर क्यों सहवाग दादा के बारे में बात करते हैं क्योंकि गांगुली ने यह छाप छोड़ी है, उन्होंने टीम बनाई। ऐसे में जब विराट कोहली आज से 8-10 साल बाद संन्यास लें तो ऐसे खिलाड़ी होने चाहिए जो उनका नाम लें और वह बड़े खिलाड़ी बने। वह पहले ही महान खिलाड़ी हैं, उन्हें डेवलपिंग खिलाड़ियों का साथ देने की जरूरत है, कोहली को एक लीगेसी छोड़ने की जरूरत है।