मेरठ। भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच केवल एक खेल नहीं होता है बल्कि यह लोगों के लिए धर्म और ईमान से भी बढ़कर होता है। इसलिए तो शायद भारत के होनहार गेंदबाज मोहम्मद शमी के पिता मोहम्मद तौसीफ का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है और उनकी जुबान से केवल अपने बच्चे के लिए दुआएं निकल रही है।
पाकिस्तान पर भारी जीत दर्ज कराने में उनके बेटे का बहुत बड़ा हाथ रहा है, इसलिए तो उन्होंने कहा है कि इंडो-पाक मैच हमारे लिए किसी जंग से कम नहीं था और इस जंग में मेरा बच्चा एक बहादुर सैनिक की तरह लड़ा और उसके इस प्रयास ने यह साबित कर दिया कि एक मुस्लिम के सीने में भी पहले हिंदुस्तान है और उसके बाद कुछ और। शमी की शानदार गेंदबाजी और लगातार विकेट लेने वाली बात लोगों को बताने के लिए काफी है कि हर मुस्लिम गद्दार नहीं होता और उनके दिल में भी देशभक्ति का वही भाव होता है जो अन्य भारतीयों में हैं।
मुस्लिम के सीने में भी हिंदुस्तानी दिल होता है
मोहम्मद तौसीफ ने यह बातें एक दैनिक अखबार से बात करते हुए कहीं। जिस समय वो शमी के बारे में बात कर रहे थे उनकी आंखे खुशी से छलछला रही थीं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके गांव में कुछ लोग ऐसे थे जो कि मैच के दौरान पाकिस्तान को सपोर्ट करते थे लेकिन शमी ने उनकी सोच और भाव दोनों ही बदल दिये। मुझे अपने बेटे पर गर्व है और मुझे पूरा भरोसा है कि टीम इंडिया विश्वकप के आगे के मैचों में भी बढ़िया प्रदर्शन करेगी।
शमी पर आज हमें गर्व है..
जो हाल शमी के अब्बू का है वो ही उनकी अम्मीजान का भी है, दोनों ने कहा कि उन्हें खुशी है कि उनका बेटा आज देश के गौरव के लिए कुछ कर रहा है। गौरतलब है कि मोहम्मद शमी ने पाकिस्तान के खिलाफ चार विकेट लेकर मैच को भारत की मुठ्ठी में कर दिया था।