कलमाड़ी समेत सभी खेल प्रशासक मंत्रालय के निशाने पर
नई दिल्ली। केंद्रीय खेल मंत्रालय ने रविवार को उस अधिनियम को हरी झंडी दे दी जिसके मुताबिक राजनेता, नौकशाह और उद्योगपति विभिन्न राष्ट्रीय खेल संघों (एनएसएफ)और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के शीर्ष पदों पर लगातार आठ वर्ष से अधिक आसीन नहीं रह सकेंगे। मंत्रालय के इस फैसले के बाद कई राजनेताओं को कार्यकाल पूरा होने के बाद इस वर्ष पद छोड़ने होंगे।
मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि एनएसएफ और आईओए के अध्यक्ष पद पर कोई भी व्यक्ति कुल 12 वर्षो तक (लगातार या चार-चार वर्ष के तीन कार्यकाल तक) काम कर सकता है लेकिन सचिव और कोषाध्यक्ष पदों पर आसीन लोगों को चार-चार वर्ष के दो कार्यकाल सहित कुल आठ वर्ष तक ही पद पर बने रहने का अधिकार होगा।
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सचिव और कोषाध्यक्ष कम से कम चार वर्ष के अंतराल के बाद दोबार उस पद के लिए चुनाव लड़ सकते हैं लेकिन 12 वर्ष तक लगातार अध्यक्ष बने रहने के बाद किसी को भी दोबारा एनएसएफ या आईओए का चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं होगा। सभी पदों पर आसीन लोगों के अवकाशप्राप्त करने की उम्र 70 वर्ष निर्धारित की गई है।
1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में बनाए गए नियमों में संशोधन के बाद अब आईओए के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी, तीरंजादी संघ के अध्यक्ष विजय कुमार मल्होत्रा, बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष वी.के. वर्मा, साइकिलिंग संघ के अध्यक्ष सुखदेव सिंह ढींढसा सहित कई अन्य राजनेताओं और नौकशाहों को मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बाद अपना पद छोड़ना होगा।
मंत्रालय ने कहा है कि उसने 2001 में खेल मंत्री रहीं उमा भारती के कार्यकाल के दौरान प्रस्तावित बदलावों में सुधार करते हुए खेल संघों और आईओए में 'पेशेवर प्रबंधन, अच्छी कामकाज, पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक चुनाव प्रणाली' को लागू करने के लिए तमाम बदलाव किए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि एनएसएफ और आईओए के अध्यक्ष पद पर कोई भी व्यक्ति कुल 12 वर्षो तक (लगातार या चार-चार वर्ष के तीन कार्यकाल तक) काम कर सकता है लेकिन सचिव और कोषाध्यक्ष पदों पर आसीन लोगों को चार-चार वर्ष के दो कार्यकाल सहित कुल आठ वर्ष तक ही पद पर बने रहने का अधिकार होगा।
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सचिव और कोषाध्यक्ष कम से कम चार वर्ष के अंतराल के बाद दोबार उस पद के लिए चुनाव लड़ सकते हैं लेकिन 12 वर्ष तक लगातार अध्यक्ष बने रहने के बाद किसी को भी दोबारा एनएसएफ या आईओए का चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं होगा। सभी पदों पर आसीन लोगों के अवकाशप्राप्त करने की उम्र 70 वर्ष निर्धारित की गई है।
1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में बनाए गए नियमों में संशोधन के बाद अब आईओए के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी, तीरंजादी संघ के अध्यक्ष विजय कुमार मल्होत्रा, बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष वी.के. वर्मा, साइकिलिंग संघ के अध्यक्ष सुखदेव सिंह ढींढसा सहित कई अन्य राजनेताओं और नौकशाहों को मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बाद अपना पद छोड़ना होगा।
मंत्रालय ने कहा है कि उसने 2001 में खेल मंत्री रहीं उमा भारती के कार्यकाल के दौरान प्रस्तावित बदलावों में सुधार करते हुए खेल संघों और आईओए में 'पेशेवर प्रबंधन, अच्छी कामकाज, पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक चुनाव प्रणाली' को लागू करने के लिए तमाम बदलाव किए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:35 [IST]
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