
सेंचुरियन। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के दौरान भारतीय विकेट कीपर पार्थिव पटेल ने कई ऐसे कैच छोड़े जिससे टीम इंडिया ज्यादा रन लुटा बैठी। पार्थिव की गलतियों से पूर्व भारतीय कप्तान को महेंद्र सिंह धोनी याद आ गए। महान टेस्ट बल्लेबाज और टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सुनील गावसकर मानते हैं कि महेंद्र सिंह धोनी को टेस्ट क्रिकेट से अभी संन्यास नहीं लेना चाहिए था। लिटिल मास्टर के मुताबिक टीम इंडिया को टेस्ट क्रिकेट में अभी भी धोनी की जरूरत है। गावसकर ने यह बात सेंचुरियन टेस्ट के दौरान कॉमेंट्री करते हुए कही।
बता दें कि एमएस धोनी ने 2014 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था जिसके बाद उनके स्थान पर रिद्धिमान साहा को बतौर विकेटकीपर प्राथमिकता दी गई। हालांकि जब साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले साहा चोटिल हुए तो विकेटकीपिंग का जिम्मा पार्थिव पटेल को सौंपा गया। पार्थिव ने अपने प्रदर्शन से सभी को काफी निराश किया। उन्होंने पहली पारी में कुछ कैच भी मिस किए। पार्थिव ने इस टेस्ट की पहली पारी में हाशिम अमला का कैच तब टपकाया था, जब 30 रन पर बैटिंग कर रहे थे। इसके बाद अमला ने 82 रन बनाए।
गावस्कर का मानना है कि 'धोनी के रहते टीम लंबे समय तक फायदे में रही। मुझे लगता है कि हो सकता है धोनी और अधिक कप्तानी का भार नहीं चाहते। हालांकि मैं चाहूंगा कि धोनी को फिर से कप्तानी सौंपी जाए और वह टीम में बतौर विकेटकीपर-बल्लेबाज बने रहें। ड्रेसिंग रूम में उनकी सलाह अमूल्य है।
टीम साहा को मिस कर रही है। केपटाउन टेस्ट में साहा ने 10 विकेट लिए थे। उनकी कीपिंग बेहद अलग लेवल की है। पार्थिव पटेल हालांकि एक प्रतियोगी विकेटकीपर हैं। बल्लेबाजी के दौरान वह छोटे फाइटर हैं। हमने देखा कि उन्होंने विकेटकीपिंग के दौरान तीसरे दिन मौके गंवाए।'
बता दें पार्थिव की खराब विकेट कीपिंग को ध्यान में रखते हुए बीसीसीआई ने तीसरे टेस्ट के लिए दिनेश कार्तिक को टीम में शामिल करने का फैसला किया है। हालांकि कार्तिक ने भी 2010 से कोई टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है ऐसे में उन्हें टीम के लिए उपयोगी होने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ेगा।