आतंकियों से मिले दस्तावेज में बाबरी मस्जिद ढहाने से जुड़े नेताओं की सूची है। उनके नाम एवं फोटो का एक ग्राफिक्स बना हुआ है, जिस पर बंदूक के निशान बने हुए हैं। पुलिस इससे अंदाजा लगा रही है कि सभी नेता आतंकियों के निशाने पर हैं। यही कारण है कि विधानसभा चुनावी प्रचार सभा में पकड़े गए आतंकी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में थे। पुलिस इस मामले में अभी और पूछताछ कर रही है।
राजधानी में पकड़े गए सिमी के दो आतंकी उमेर सिद्दीकी (35) एवं अब्दुल वाहिद (54) और इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी अजीजुल्लाह (अजीज) के पास से काफी महत्वपूर्ण दस्तावेज प्राप्त हुए हैं। इसमें एक दस्तावेज अरबी में लिखा हुआ है। जिसमें एक ग्राफिक्स बना हुआ है। ग्राफिक्स में नरेन्द्र मोदी, आरएसएस के पदाधिकारी एवं बाबरी मस्जिद ढहाने के मामले से जुड़े भाजपा नेताओं के नाम व फोटो हैं। नेताओं की फोटो पर बंदूक का निशान बना हुआ है। ऐसे में पुलिस कयास लगा रही कि ये सभी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में थे।
पटना में हुए धमाकों के बाद से पटना एवं रांची में इंडियन मुजाहिदीन के संदिग्ध ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की गई। इस दौरान ही यह पता चला कि विस्फोट करने वाले आतंकवादी संगठन का लिंक रायपुर के राजा तालाब स्थित उमेर सिद्दीकी से है। इसके बाद उमेर और उसके साथियों को पकड़ा गया।