सिर्फ एजाज ही नहीं भारतीय मूल के इन 4 खिलाड़ियों ने भी किया है परेशान, भारत के खिलाफ शानदार है रिकॉर्ड

IND vs NZ
Photo Credit: Twitter/ Balckcaps

नई दिल्ली। क्रिकेट की दुनिया में भारत को प्रतिभा की खान माना जाता है, जहां से दुनिया के कई महान खिलाड़ियों का जन्म हुआ। इसमें से कई दिग्गजों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला तो कई खिलाड़ियों को कॉम्पिटिशन के चलते वो मुकाम हासिल नहीं हो सका। ऐसे में कई खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा को पहचान दिलाने के लिये कई बार दूसरे देशों का भी रुख किया है। इसमें हाल ही में यूएसए रवाना हुए उन्मुक्त चंद समेत कई खिलाड़ियों का नाम है जिन्होंने घरेलू स्तर पर काफी क्रिकेट खेलने के बाद किसी अन्य देश का रुख किया ताकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें पहचान मिल सके। वहीं भारत और न्यूजीलैंड के बीच हाल ही में समाप्त हुई टेस्ट सीरीज में रचिन रविंद्र और एजाज पटेल के रूप में दो ऐसे भारतीय मूल के खिलाड़ी भी देखने को मिले जिनका रिश्ता भारत से तो है पर उन्होंने अपने करियर की शुरुआत भारत में नहीं की।

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हालांकि परिवार के साथ किसी और देश में शिफ्ट होने की वजह से उन्होंने न्यूजीलैंड के लिये खेलना शुरू किया और जब भारत के खिलाफ उन्हें खेलने का मौका मिला तो शानदार प्रदर्शन कर इंडियन टीम की कमर भी तोड़ी। जहां रचिन रविंद्र ने अपनी बल्लेबाजी से भारत को कानपुर टेस्ट में जीत से महरूम कर दिया तो वहीं पर एजाज पटेल ने मुंबई टेस्ट की पहली पारी में 10 विकेट हासिल कर रिकॉर्ड बुक में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया। हालांकि आपको जानकर हैरानी होगी कि यह इकलौते भारतीय मूल के खिलाड़ी नहीं हैं जिन्होंने भारत के खिलाफ खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया है। इस आर्टिकल में हम ऐसे ही 4 दिग्गज खिलाड़ियों की बात करने जा रहे हैं जो भारतीय मूल के तो हैं लेकिन भारत के खिलाफ काफी यादगार प्रदर्शन किया है-

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मोंटी पानेसर (Monty Panesar)

मोंटी पानेसर (Monty Panesar)

इस फेहरिस्त में पहला नाम इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पानेसर का है जिनके दम पर इंग्लैंड की टीम ने साल 2012 में भारत को उसी की सरजमीं पर धूल चटाई थी। भारत के लिये घरेलू सरजमीं पर वह आखिरी टेस्ट सीरीज की हार रही है जिसके बाद से वह अब तक लगातार 14 टेस्ट सीरीज अपने नाम कर चुकी है। इंग्लैंड के लुटॉन में जन्में मोंटी पानेसर सिक्ख परिवार से हैं और उनके माता-पिता पंजाब से काफी पहले परिवार से लुटॉन शिफ्ट हो गये थे। मोंटी पानेसर ने वहीं रहकर अपनी पढ़ाई की, क्रिकेट में खासा रूचि होने के चलते वह क्लब क्रिकेट खेलते हुए नॉर्थम्पटनशॉयर की टीम से जुड़े और साल 2000 में इंग्लैंड की अंडर 19 टीम का हिस्सा बने।

अपने शानदार प्रदर्शन के जरिये वह साल 2006 में इंग्लैंड की टीम का हिस्सा बने और 2013 तक खेलते रहे। मोंटी पानेसर को साल 2012 में भारत के खिलाफ खेली गई टेस्ट सीरीज के योगदान के लिये जाना जाता है जिसमें इंग्लैंड की टीम ने 2-1 से जीत हासिल की थी। इस सीरीज में पानेसर ने ग्रीम स्वान के साथ मिलकर जबरदस्त गेंदबाजी की और अपने स्पिन के जाल में भारतीय खिलाड़ियों को फंसाकर 28 साल बाद भारतीय सरजमीं पर टेस्ट सीरीज जीती। पानेसर ने इस सीरीज के दौरान मुंबई में खेले गये टेस्ट मैच में 210 रन देकर 11 विकेट हासिल किये थे और यह उनके करियर का बेस्ट फिगर भी बना। 3 मैचों की टेस्ट सीरीज में पानेसर ने 17 विकेट हासिल किये और भारत के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन कर इंग्लैंड को ऐतिहासिक जीत दिलाई।

ईश सोढ़ी (Ish Sodhi)

ईश सोढ़ी (Ish Sodhi)

इस फेहरिस्त में दूसरा नाम न्यूजीलैंड के फ्रंटलाइन स्पिनर ईश सोढ़ी का है। पिछले कुछ सालों में भारत के लिये आईसीसी टूर्नामेंट में खिताब हासिल करने की राह में जो सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी है, उसका नाम न्यूजीलैंड है। न्यूजीलैंड की टीम के खिलाफ 2003 विश्वकप के बाद से भारत को किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट में जीत नहीं मिल सकी है, हालांकि पिछले कुछ सालों में उसका सामना बड़े मैचों में भारत से हुआ है, जिसमें हारकर उसे बाहर हो जाना पड़ा है। 2019 विश्वकप, 2020 विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप और 2021 टी20 विश्वकप में भारत का खिताब जीतने का सपना न्यूजीलैंड के सामने ही जाकर समाप्त हुआ है। इस दौरान ईश सोढ़ी वो नाम रहे जिसने बार-बार भारतीय बल्लेबाजों को परेशान किया है। पंजाब के लुधियाना शहर में जन्मे ईश सोढी मात्र 4 साल की उम्र में परिवार के साथ न्यूजीलैंड शिफ्ट हो गये थे, जहां पर उन्होंने क्रिकेट खेलना सीखा और लेग स्पिन को अपना हथियार बनाया।

आज वो कीवी टीम के प्रमुख स्पिन गेंदबाज बन गये हैं। यूएई में खेले गये टी20 विश्वकप में भी जब भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ हर हाल में जीत की दरकार थी तो वहां पर सोढ़ी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए महज 17 रन देकर 2 विकेट चटकाये, जिसके चलते भारतीय टीम 110 रन ही बना सकी और हार कर लीग स्टेज से ही बाहर हो गयी। 2016 टी20 विश्वकप में भी सोढी ने 18 रन देकर 3 विकेट चटकाये थे जिसके चलते उनकी टीम 127 रन बचाने में कामयाब हो गई थी और भारत 79 रन के स्कोर पर सिमट गया था। सोढ़ी ने टी20 प्रारूप में भारत के खिलाफ 19 विकेट चटकाये हैं, जो कि किसी भी गेंदबाज की ओर से इस प्रारूप में भारत के खिलाफ लिये गये सबसे ज्यादा विकेट हैं।

हाशिम अमला (Hashim Amla)

हाशिम अमला (Hashim Amla)

इस फेहरिस्त में साउथ अफ्रीका के दिग्गज क्रिकेटर हाशिम अमला का नाम देखकर आप चौंक सकते हैं लेकिन यह सच है कि दक्षिण अफ्रीकी टीम के लिये हजारों रन बनाने वाला यह खिलाड़ी भारतीय मूल का है। हाशिम अमला के पिता गुजरात के सूरत शहर से ताल्लुक रखते हैं, हालांकि अमला के जन्म से पहले ही उन्होंने परिवार के साथ डरबन में बसने का फैसला किया, जहां पर हाशिम अमला का जन्म हुआ और वो वहीं पर पले बढ़े। हाशिम अमला ने महज 21 साल की उम्र में भारत के खिलाफ ईडन गार्डन्स में अपना डेब्यू किया। साल 2008 में उन्होंने चेन्नई के मैदान पर भारत के खिलाफ 159 रनों की पारी खेली और विदेशी सरजमीं पर अपना पहला शतक जड़ा।

भारत के खिलाफ उनकी शानदार पारियों में सबसे यादगार पारी नागपुर के मैदान पर आयी थी जहां पर उन्होंने नाबाद 253 रनों की पारी खेलकर अफ्रीकी टीम को एक पारी और 6 विकेट से जीत दिलायी थी। अमला के नाम वनडे क्रिकेट में सबसे तेज 2000, 3000, 4000, 5000, 6000 और 7000 वनडे रन बनाने का रिकॉर्ड है। इतना ही नहीं वह वनडे क्रिकेट में सबसे तेज 10 शतक लगाने वाले खिलाड़ी भी बनें। अमला ने सबसे तेज 27 वनडे शतक लगाने के मामले में विराट कोहली को पीछे छोड़ा। भारत के खिलाफ उनका प्रदर्शन हमेशा ही शानदार रहा है।

नासिर हुसैन (Nasser Hussain)

नासिर हुसैन (Nasser Hussain)

इस फेहरिस्त में आखिरी नाम इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और मौजूदा समय के मशहूर कॉमेंटेटर नासिर हुसैन का है जिन्होंने 1999 से लेकर 2003 विश्वकप तक इंग्लैंड टीम की कमान संभाली। आपको जानकर हैरान होगी कि नासिर हुसैन का जन्म मद्रास (अब चेन्नई) में हुआ था, जहां पर उनके पिता रजा जावेद हुसैन उन्हें इंग्लैंड लेकर आये। रजा जावेद हुसैन भारत में घरेलू स्तर पर मद्रास के लिये खेल चुके थे लेकिन उन्होंने इंग्लैंड में कोचिंग पद को स्वीकार करते हुए परिवार सहित शिफ्ट होने का फैसला किया, हालांकि उनका सपना था कि नासिर हुसैन इंग्लैंड के लिये जरूर खेलें। नासिर हुसैन ने इंग्लैंड के लिये खेलते हुए कई यादगार पारियां खेली थी और 5 हजार से ज्यादा रन बनाये थे, हालांकि भारत के खिलाफ उनकी सबसे यादगार पारी 2002 के नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल में आयी।

नासिर हुसैन ने इस मैच में मार्कस ट्रेसकॉथिक के साथ मिलकर भारतीय गेंदबाजों पर जमकर बाउंड्रीज लगाई और 115 रनों की पारी खेलकर 334 रनों के स्कोर पर पहुंचाया। हालांकि भारतीय टीम इस मैच को जीतने में कामयाब रही थी जिसकी वजह से उनकी इस पारी को वो सम्मान नहीं मिला जिसके वो हकदार थे। 2003 विश्वकप में इंग्लैंड के खराब प्रदर्शन के बाद नासिर हुसैन से कप्तानी छीन ली गई जिसके बाद साल 2004 में उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ एक मैच में नाबाद शतकीय पारी खेलने के 3 दिन बाद ही क्रिकेट के हर प्रारूप से संन्यास ले लिया। संन्यास लेने के कुछ समय बाद ही वो स्कॉय स्पोर्टस की टीम से जुड़ गये और मौजूदा समय में वो उन दिग्गज कॉमेंटेटर्स के पैनल में शामिल हैं जिनके पास खेल को लेकर अपार ज्ञान का भंडार है।

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Story first published: Monday, December 6, 2021, 22:44 [IST]
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