Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block

क्रिकेट से सौरभ गांगुली की विदाई

भारत के सबसे सफल कप्तान रहे सौरव गांगुली के करियर का सोमवार को आख़िरी दिन है. उन्होंने अंतिम पारी में शून्य पर आउट होकर भी रिकॉर्ड बनाया.

उन्हें क्रिकेट की दुनिया में दादा के नाम से जाना जाता है.

गांगुली ने अपने टेस्ट करियर की पहली पारी में शतक जमाया था और लेकिन अपने करियर की अंतिम पारी में वो खाता नहीं खोल पाए.

बावजूद इसके गांगुली ने अपनी आख़िरी पारी में एक रिकार्ड बना दिया.

सौरभ गांगुली टेस्ट क्रिकेट में पहली पारी में शतक और अपनी आख़िरी पारी में शून्य बनाने वाले इंग्लैंड के बिली ग्रिफ़िथ के बाद दूसरे क्रिकेटर बन गए हैं.

गांगुली आस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ चौथे और अंतिम टेस्ट के चौथे दिन रविवार को जब बल्लेबाज़ी करने उतरे तो स्टेडियम में दर्शकों और मैदान में मौजूद आस्ट्रेलियाई खिलाडि़यों ने उनका स्वागत किया.

लेकिन गांगुली सिर्फ़ एक गेंद ही विकेट पर टिक सके और ऑफ स्पिनर जैसन क्रेजा की गेंद पर उन्हें कैच दे बैठे. उन्होंने पहली पारी में शानदार 85 रन बनाए थे.

गांगुली ने अपने करियर की समाप्ति 113 टेस्ट मैचों में 7212 रन के साथ की जिनमें 16 शतक शामिल हैं.

भारत के सबसे सफल कप्तान गांगुली ने 49 टेस्टों में भारत का नेतृत्व किया और 21 मैच जीते.

संन्यास के समय गांगुली ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था," भारतीय टीम का नेतृत्व करना आसान नहीं है, ख़ासकर जब आपको सलाह देने के लिए सौ करोड़ लोग मौजूद हों."

उनका कहना था, "जब तक आप जीत रहे हों तब तक तो ठीक है लेकिन अगर आप हार गए तो प्रतिक्रिया थोड़ी तेज़ हो सकती है."

दादा का जलवा

भारतीय टीम को 2003 के क्रिकेट के विश्व कप फ़ाइनल तक पहुँचाने का श्रेय भी सौरव की गांगुली को ही जाता है.

भारतीय टीम का नेतृत्व करना आसान नहीं है, ख़ासकर जब आपको सलाह देने के लिए सौ करोड़ लोग मौजूद हों
और वह सौरव गांगुली की कप्तानी के ही दिन थे जब भारतीय क्रिकेट में पैसे की बरसात होनी शुरु हुई.

भारत में सौरव गांगुली को लेकर बहुत विवाद भी होते रहे हैं, ख़ासकर उनके टीम में रहने न रहने को लेकर.

भारतीय टीम के ऑस्ट्रेलियाई कोच ग्रेग चैपल के साथ अनबन होने से पहले सौरव ने पाँच साल तक भारतीय टीम की कप्तानी संभाली. फिर वो टीम से बाहर हो गए.

तब एक ऐसा समय था जब लोग मानने लगे थे कि सौरव का क्रिकेट जीवन ख़त्म हो गया लेकिन उन्होंने समीक्षकों को ग़लत साबित किया और एक बार फिर से भारतीय टीम में जगह बनाई.

लेकिन कप्तानी से हटने के बाद उनका वह रुतबा नहीं रह गया जिसके लिए वो जाने जाते थे.

चाहे आप उन्हें पसंद करें या न करें लेकिन एक बात तय रही है कि आप उन्हें अनदेखा नहीं कर सकते.

सौरव ख़ुद मानते हैं कि वे संन्यास के फ़ैसले से राहत महसूस कर रहे हैं.

भारत के सबसे सफल कप्तान रहे सौरव गांगुली कहते हैं कि वे अब आराम की नींद सोना चाहते हैं.

लेकिन दादा जो रिकॉर्ड छोड़कर जा रहे हैं, वो उनकी सफलता की कहानी ख़ुद बयान करते हैं.
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:19 [IST]
Other articles published on Nov 14, 2017
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+