
तीन मैचों की टेस्ट श्रृंखला
T-20 और एकदिवसीय मैचों की श्रृंखला के बाद अब टेस्ट श्रृंखला होनी है। इस टेस्ट श्रृंखला के शुरू होने से पहले भारतीय टीम अपनी तैयारी और वहां की परिस्थितियों से तालमेल बैठाने के लिए न्यूजीलैंड एकादश के साथ प्रैक्टिस कर रही है। वैसे तो इस पुरे सीरीज में नए खिलाड़ियों को मौका मिला है लेकिन विराट कोहली की अगुआई वाली इस टेस्ट टीम में नए खिलाड़ी अपेक्षाकृत ज्यादा हैं जिसपर चयनकर्ताओं ने भरोसा जताया है।

ओपनर की भूमिका
पिछले कुछ समय से टेस्ट टीम में भी रोहित शर्मा के बतौर ओपनर की भूमिका ने टीम और मजबूत किया है तो वहीं खुद रोहित शर्मा को रातों रात टेस्ट का सितारा बना दिया है। लेकिन रोहित शर्मा और शिखर धवन के इंजर्ड होने और टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं होने से नए युवा खिलाड़ियों को अपनी योग्यता साबित करने का मौका मिला है। हालांकि उन्होंने टेस्ट टीम में दस्तक पहले ही दे रखी थी और अपने प्रदर्शन से एक उम्मीद भी जगाई थी। लेकिन डोपिंग मामले में पृथ्वी शॉ क्रिकेट से कुछ समय के लिए दूर हो गए वहीं शुबमन गिल बड़े भारतीय खिलाड़ियों के बीच अपना स्थान सुरक्षित नहीं कर सके। अब न्यूजीलैंड के दौरे पर इनका चयन इनके लिए नई राह खोल सकती है क्योंकि रोहित शर्मा और शिखर धवन की अनुपस्थिति में उनके अंतिम एकादश में खेलने की संभावनाएं हैं। यहां हम इन्ही नए खिलाड़ियों के प्रदर्शन की चर्चा करेंगे जिसके भरोसे टीम इंडिया न्यूजीलैंड से क्रिकेट के मैदान में भिड़ेगी।

मयंक अग्रवाल, पृथ्वी शॉ
मयंक अग्रवाल और पृथ्वी शॉ अपेक्षाकृत ऐसे नए खिलाड़ी हैं जिन्होंने न्यूजीलैंड के साथ हुए सीरीज में निराश किया है।टेस्ट मैचों में इसकी पूरी संभावना है कि पृथ्वी शॉ मयंक अग्रवाल के साथ ओपनिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे। हालांकि मयंक अग्रवाल ने हाल के दिनों में टेस्ट मैचों में अपनी उपयोगिता को साबित किया है। इस बार मयंक और पृथ्वी शॉ न्यूजीलैंड जाने वाली भारतीय टीम के हर प्रारूप का हिस्सा रहे हैं। और उन्हें पर्याप्त मौका भी मिला है। लेकिन उनका प्रदर्शन उनके ख्याति के अनुरूप नहीं रहा है। ये दोनों ही अच्छी शुरुआत को एक नम्बर में बदलने में अभी तक नाकाम रहे हैं। एकदिवसीय मैचों में पृथ्वी शॉ ने क्रमशः 20, 24, 40 रन बनाए तो वहीं मयंक अग्रवाल ने क्रमशः 32, 3 और 1 रन। टेस्ट मैच से पहले के प्रैक्टिस मैच की पहली पारी में शॉ शून्य पर आउट हो गए और मयंक केवल एक रन बना पाए।

शुबमन गिल और ऋषभ पंत
टेस्ट मैचों के लिए चुने गए शुबमन गिल भी गोल्डन डक हुए तो वहीं काफी दिनों बाद टीम में शामिल ऋषभ पंत भी केवल सात रन बना सके। ऐसे प्रदर्शन से एक चिंता की लकीर उभरती तो है ही। वैसे भी इधर के दिनों में ऋषभ पंत पर काफी सवाल उठे हैं कि उनको टीम में क्यों नहीं लिया जा रहा है। उन जैसी प्रतिभा को बैंच पर नहीं बैठाना चाहिए आदि आदि। टेस्ट मैचों में अभी टीम इंडिया के सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर निर्विवाद रूप से रिद्धिमान साहा हैं। उनकी उपस्थिति में पंत बतौर विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में मौका पा सकते हैं। लेकिन इसके लिए उन्हें मिले मौकों को भुनाना ही होगा। मौकों पर अब चुकने से बात नहीं बनने वाली है क्योंकि केएल राहुल ने अपने प्रदर्शन से पहले ही उनकी मुश्किलें बढ़ा रखी है। इसलिए टेस्ट मैचों की यह सीरीज पंत के लिए काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस श्रृंखला के लिए राहुल नहीं चुने गए हैं।
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टीम इंडिया का खिलाड़ियों पर भरोसा
टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में अपने तीन बड़े खिलाड़ियों की जगह पृथ्वी शॉ, शुबमन गिल और ऋषभ पंत को मौका दिया है। ऐसा कहने में कुछ गलत नहीं है कि इस श्रृंखला में टीम इंडिया इन खिलाड़ियों पर भरोसा कर रही है, इसलिए इनका प्रदर्शन टेस्ट मैचों के परिणाम सहित इनके आगे की संभावनाओं के भी द्वार खोलेगी।


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