क्या आप भी जानते हैं सट्टेबाजी के फायदे, BCCI अधिकारी ने गिनाए, बताया क्यों है जरूरी
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर फिक्सिंग और सट्टेबाजी के खतरे को देखते हुए बीसीसीआई की एंटी करप्शन यूनिट के चीफ अजीत सिंह ने इस समस्या से निपटने के लिए बड़ी अजीबो-गरीब सलाह दी है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की भ्रष्टाचार रोधी इकाई के चीफ अजीत सिंह शेखावत ने मैच फिक्सिंग को रोकने के लिए इससे जुड़े नियमों को सख्त करने की सलाह दी और साथ ही भारत में सट्टेबाजी को कानूनन वैध करने का सुझाव दिया। अजीत सिंह शेखावत ने यह सुझाव पिछले एक साल में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों सहित 12 क्रिकेटरों के भ्रष्ट संपर्क की शिकायत करने, संदिग्ध गतिविधि के कारण तमिलनाडु प्रीमियर लीग के संदेह के दायरे में आने और एक महिला क्रिकेटर से सट्टेबाज के संपर्क करने की शिकायत के बाद दिया है। अजीत सिंह शेखावत अप्रैल 2018 में बीसीसीआई की भ्रष्टाचार रोधी इकाई से जुड़ने से पहले राजस्थान पुलिस के महानिदेशक रह चुके हैं।

मैच फिक्सिंग पर BCCI चीफ की राय
इस सवाल के जवाब में शेखावत ने कहा, ‘इसे रोकना असंभव नहीं है। इसमें संभवत: इसके खिलाफ कानून की जरूरत है, मैच फिक्सिंग कानून। अगर इसके खिलाफ स्पष्ट कानून होगा तो पुलिस की भूमिका भी स्पष्ट होगी।' पिछले साल भारतीय विधि आयोग ने मैच फिक्सिंग को इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की तरह आपराधिक गतिविधि बनाने की जरूरत पर जोर दिया था। शेखावत ने कहा कि खेल में भ्रष्टाचार से निपटने का एक अन्य तरीका सट्टेबाजी को वैध बनाना भी है।
उन्होंने कहा, ‘सट्टेबाजी को वैध बनाने पर विचार हो सकता है, जिससे कि जो भी अवैध गतिविधियां हो रही हैं उन सभी को नियंत्रित किया जा सके। वैध सट्टेबाजी कुछ मापदंडों के अंतर्गत होती है और इसे नियंत्रित किया जा सकता है।'

भारत में सट्टेबाजी को कानूनी करने से क्या होगा फायदा?
भारतीय पुलिस सेवा के इस सेवानिवृत्त अधिकारी ने कहा, ‘इससे सरकार को उतना ही भारी भरकम राजस्व भी मिलेगा जो आबकारी विभाग हासिल करता है। खेलों पर सट्टेबाजी पर जो राशि लगती है वह काफी बड़ी है।'
शेखावत ने कहा कि इस तरह के कदम से इससे जुड़े लोगों और साथ ही पैसे पर भी नजर रखी जा सकती है। उन्होंने कहा, ‘सिर्फ राजस्व ही नहीं, बल्कि अन्य मुद्दे भी सरकार के दिमाग में हो सकते हैं। मैं यह नहीं कह रहा कि इसे वैध किया जाना चाहिए लेकिन इस पर विचार किया जाना चाहिए। वैध किए जाने पर इसका नियमन किया जा सकता है, अभी यह पूरी तरह से अवैध है।'

BCCI चीफ ने बताया आखिर क्यों है कानून लाने की जरूरत?
शेखावत ने कहा, ‘एक बार वैध किए जाने के बाद आपको यह आंकड़े भी मिल जाएंगे कि कौन सट्टेबाजी कर रहा है और कितनी सट्टेबाजी कर रहा है। और ऐसा करते हुए अवैध सट्टेबाजी को मुश्किल कर दो। फिलहाल तो आप कुछ सौ या कुछ हजार रुपये का जुर्माना देकर बच सकते हो।'
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