
ऐसे पहुंचा 'बॉल आउट' तक मैच
डरबन में हुए इस मैच में पाकिस्तान ने टाॅस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए वीरेंद्र सहवाग के 50 रन की मदद से 9 विकेट खोकर 141 रन बनाए। जवाब में पाकिस्तान ने भी 7 विकेट खोकर स्कोर 141 तक पहुंचा मैच बराबरी पर पहुंचा दिया। ऐसे में मुकाबला 'बॉल आउट' की ओर बढ़ा। दोनों टीमों के 5 गेंदबाज स्टंप उखाने के लिए तैयार हो गए।

यूं जीता भारत
पाकिस्तान की ओर से पहली बाॅल यासिर शाह फेंकने आएल लेकिन वो विकटों पर निशाना लगाने से चूक गए। वहीं भारत की ओर से कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने सबसे पहले वीरेंद्र सहवाग को भेजा जिन्होंने स्पिन डालते हुए स्टंप गिराया और भारत 1-0 की बढ़त दिला दी। फिर हरभजन सिंह आए। उन्होंने भी गेंद करते हुए गिल्लियां गिरा दीं। उधर पाकिस्तान ने उमर गुल और अफरीदी को माैका दिया, लेकिन ये दोनों निशान लगाने से चूक गए। ऐसे में भारत के पास 2-0 की बढ़त थी। फिर भारत की तरफ से तीसरें बाॅलर के रूप में राॅबिन उथप्पा आए। उथप्पा ने विकेट गिरा दिया और भारत को 3-0 से जीत दिला दी।
जानें क्या था 'बॉल आउट' नियम
दोनों टीमों के पांच गेंदबाजों को गेंदबाजी करने का माैका दिया जाता था। गेंदबाजों को गिल्लियां बिखेरने का टारगेट मिलता था। ऐसे में जिस टीम के गेंदबाज ज्यादा बार गेंद से गिल्लियां गिरा पाते उसे विजयी घोषित कर दिया जाता था। अगर दोनों टीमों के खिलाड़ी बराबर स्टंप गिरा लें तो यह खेल तब तक चलता था जब तक फैसला न हो जाए। उदाहरण के ताैर पर अगर किसी एक टीम के 5 गेंदबाजों में से 3 गेंदबाज स्टंप उखाड़ने में कामयाब हो जाते और दूसरी टीम के गेंदबाज सिर्फ 2 ही स्टंप उखाड़ते हैं जो 3-2 के आधार पर पहली टीम को विजयी माना जाता है।


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