नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) एक बार पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कहा था कि हर हिन्दुस्तानी के दिल के किसी कोने में पाकिस्तान और हर पाकिस्तानी के दिल के किसी कोने में भारत बसता है।
यह बात साबित हो गई आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2015 में भाग ले रही पाकिस्तान टीम के विकेट कीपर सरफराज अहमद को देखकर। उनकी अम्मी उत्तर प्रदेश शहर के इटावा से संबंध रखती हैं। उनके मामू महमूद भाई इटावा में ही रहते हैं। वह लगातार बेहतर खेल दिखा रहा है।
सऱफऱाज इन दिनों पाकिस्तान की आईसीसी वर्ल्ड कप 2015 में खेल रही टीम के स्टाऱ खिलाड़ी हैं। उनकी अम्मी का संबंध उत्तर प्रदेश के शहर इटावा से हैं। वह निकाह से पहले इटावा में ही रहती थीं। सरफराज के मामू का सारा कुनबा इटावा में ही रहता है। देश के विभाजन और उसके बाद बहुत से मुसलमान परिवार उत्तर प्रदेश के विभिन्न भागों से पाकिस्तान में जाकर बसते रहे।
सरफराज अहमद के मामू 52 साल के महमूद भाईभले ही चाहते हों कि वर्ल्ड कप भारत जीते, पर वे यह भी चाहते हैं कि उनका भांजा लगातार बेहतर प्रदर्शन करे। एक इंटरव्यू में महमूद कहते हैं कि सरफराज की मां अकीला बानू उनकी बहन है। उनका निकाह बरसों पहले कराची में रहने वाले उत्तर प्रदेश के परिवार में हो गया था। दोनों परिवारों के संबंध मजबूत बने हुए हैं। आखिर मामला खून का है।
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दुआ मांगे
महमूद भाई ने यह भी कहा बहन ने मुझ से कहा था कि मैं दुआ मांगू कि वर्ल्ड कप में सरफराज बेहतर खेल दिखाए। उन्होंने मुझे अजमेर शरीफ जाने के लिए भी कहा था।
नानी से मामू तक
सरफराज खुद अपनी ननिहाल इटावा आ चुका है। उस वक्त उसकी उम्र चार की थी। उसे इटावा बहुत प्रिय है। आखिर उसकी नानी और मामू इटावा में ही रहते हैं। बता दें कि पाकिस्तान के बीते दौर के कई खिलाड़ियों का भारत से गहरा संबंध रहा है। इमरान कान की अम्मी जालंधर शहर से थीं। जहीर अब्बास की पत्नी कानपुर से हैं। इंजमाम उल हक के पुरखे हिसार,(हरियाणा) से देश के विभाजन के वक्त पाकिस्तान गए थे।