पीसीबी ने आसिफ को निलंबित किया
कराची, 16 जुलाई: तमाम विवादों के बाद आखिरकार पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने गेंदबाज मोहम्मद आसिफ को निलंबित कर दिया। आसिफ पर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के दौरान प्रतिबंधित दवाओं के सेवन का आरोप था, जिसमें वो दोषी पाये गये।
पीसीबी ने कहा है कि आसिफ से जुड़े मामले में आईपीएल के न्यायाधिकरण का सहयोग करेगा। इसके अलावा पीसीबी ने अपने स्तर पर भी आसिफ के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।
पीसीबी के मुख्य आपरेटिंग अधिकारी शफकत नगमी ने कहा कि इस मामले के निपटारे तक आसिफ पर किसी भी स्तर पर क्रिकेट खेलने पर पाबंदी लगा दी गई है। आसिफ को आईसीसी के नियमों के दायरे में अपने समर्थन में अपील करने की इजाजत है। पीसीबी इस संबंध में आईपीएल के न्यायाधिकरण की तो मदद करेगा, लेकिन वह आसिफ को किसी तरह की कानूनी सहायता मुहैया नहीं कराएगा।
पीसीबी के इस निर्णय के साथ-साथ आसिफ को चैंपियंस ट्राफी के लिए चुनी गई 30 सदस्यीय संभावित टीम से बाहर कर दिया गया है। उनकी जगह शोएब अख़्तर टीम में खेलेंगे।
आईपीएल ने इस मामले में जल्दबाजी करते हुए बी-सैंपल की जांच पूरी होने से पहले ही आसिफ के दोषी होने की घोषणा कर दी। जबकि अब यही हथियार आसिफ के बचाव में काम आ सकता है।
यानी तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए आसिफ बच सकते हैं। वो ऐसे कि डोपिंग निरोधी विश्व संस्था (वाडा) के अनुसार किसी भी खिलाड़ी का नाम तब तक आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं किया जाना चाहिए, जब तक उसके बी-सैंपल की जांच पूरी नहीं हो जाती। वाडा की आचार संहिता की अनुसूची 7.2 में भी खिलाड़ी को बी-सैंपल की जांच कराने का अधिकार दिया गया है।
अनुसूची 7.1 और 7.2 में साफ तौर पर लिखा है कि जब तक बी-सैंपल की जांच का काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक खिलाड़ी के दोषी होने की आधिकारिक घोषणा नहीं की जानी चाहिए। वाडा के नियमों की अनदेखी करना आईपीएल के खिलाफ जा सकता है।
आसिफ ने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताते हुए कहा कि वे इस घटना को लेकर आश्चर्यचकित हैं क्योंकि आईपीएल के दौरान चोटिल होने के कारण वह दवाएं लेने के मामले में जरूरत से ज्यादा सावधानी बरत रहे थे।
पीसीबी ने कहा है कि आसिफ से जुड़े मामले में आईपीएल के न्यायाधिकरण का सहयोग करेगा। इसके अलावा पीसीबी ने अपने स्तर पर भी आसिफ के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।
पीसीबी के मुख्य आपरेटिंग अधिकारी शफकत नगमी ने कहा कि इस मामले के निपटारे तक आसिफ पर किसी भी स्तर पर क्रिकेट खेलने पर पाबंदी लगा दी गई है। आसिफ को आईसीसी के नियमों के दायरे में अपने समर्थन में अपील करने की इजाजत है। पीसीबी इस संबंध में आईपीएल के न्यायाधिकरण की तो मदद करेगा, लेकिन वह आसिफ को किसी तरह की कानूनी सहायता मुहैया नहीं कराएगा।
पीसीबी के इस निर्णय के साथ-साथ आसिफ को चैंपियंस ट्राफी के लिए चुनी गई 30 सदस्यीय संभावित टीम से बाहर कर दिया गया है। उनकी जगह शोएब अख़्तर टीम में खेलेंगे।
आईपीएल ने इस मामले में जल्दबाजी करते हुए बी-सैंपल की जांच पूरी होने से पहले ही आसिफ के दोषी होने की घोषणा कर दी। जबकि अब यही हथियार आसिफ के बचाव में काम आ सकता है।
यानी तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए आसिफ बच सकते हैं। वो ऐसे कि डोपिंग निरोधी विश्व संस्था (वाडा) के अनुसार किसी भी खिलाड़ी का नाम तब तक आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं किया जाना चाहिए, जब तक उसके बी-सैंपल की जांच पूरी नहीं हो जाती। वाडा की आचार संहिता की अनुसूची 7.2 में भी खिलाड़ी को बी-सैंपल की जांच कराने का अधिकार दिया गया है।
अनुसूची 7.1 और 7.2 में साफ तौर पर लिखा है कि जब तक बी-सैंपल की जांच का काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक खिलाड़ी के दोषी होने की आधिकारिक घोषणा नहीं की जानी चाहिए। वाडा के नियमों की अनदेखी करना आईपीएल के खिलाफ जा सकता है।
आसिफ ने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताते हुए कहा कि वे इस घटना को लेकर आश्चर्यचकित हैं क्योंकि आईपीएल के दौरान चोटिल होने के कारण वह दवाएं लेने के मामले में जरूरत से ज्यादा सावधानी बरत रहे थे।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:19 [IST]
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