1st Test: इंदौर पहुंची भारत-बांग्लादेश की टीमें, पुजारा ने कहा- पिंक बॉल से अभ्यास की जरूरत
नई दिल्ली। भारतीय टीम ने बांग्लादेश को टी-20 सीरीज में हरा दिया है और अब बारी है दो मैचों की टेस्ट सीरीज की है जिसके लिए दोनों टीमें इंदौर पहुंच गई हैं। भारत और बांग्लादेश के बीच दो टेस्ट मैच की सीरीज 14 नवंबर से शुरू होगी जिसका पहला टेस्ट मैच इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेला जाएगा। बांग्लादेश की टीम के लिए इंदौर के मैदान पर किसी भी प्रारुप में पहला मैच होगा। रविवार को मैच जीतने के बाद दोनों टीमें विशेष विमान के जरिये मध्यप्रदेश के देवी अहिल्याबाई हवाईअड्डे पहुंची जिसके बाद दोनों टीमों को शहर के अलग-अलग होटलों में ठहराया गया।
मध्यप्रदेश क्रिकेट संघ (एमपीसीए) के एक अधिकारी ने पुष्टि करते हुए बताया कि भारत और बांग्लादेश की टीमें मंगलवार को अलग-अलग सत्रों में अभ्यास के लिये होलकर स्टेडियम पहुंच सकती हैं।
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भारत और बांग्लादेश के बीच दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला का पहला मुकाबला होलकर स्टेडियम में 14 से 18 नवंबर के बीच खेला जाना है। जिसका दूसरा टेस्ट मैच डे-नाइट फॉर्मेट में पिंक बॉल से खेला जाएगा।
यह भारत और बांग्लादेश दोनों का पहला दिन-रात का टेस्ट मैच होगा।

पुजारा ने कहा-गुलाबी गेंद से खेलने पर नहीं पड़ेगा फर्क
मैच से पहले चेतेश्वर पुजारा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'मुझे नहीं लगता है कि जब आप गुलाबी गेंद से खेलना शुरू करते हो तो ज्यादा कोई अंतर होता है। चूंकि मैं एसजी गुलाबी गेंद से नहीं खेला हूं इसलिए मैं पूरी तरह से आश्वस्त नहीं हूं लेकिन मुझे लगता है कि एजसी गुलाबी गेंद लाल गेंद की तरह की होगी। मुझे लगता है कि भारत में एसजी गेंद की क्वालिटी में काफी सुधार आया है।'

पिंक बॉल से पहले भी खेल चुके हैं पुजारा
पुजारा ने पहली बार डे-नाइट टेस्ट खेलते हुए पिंक बॉल से परेशानी आने की बात को नकारते हुए कहा,'मैं 2016-17 में खेला था जिसे अब लंबा समय हो चुका है। इसलिए इसे एडवांटेज के रूप में नहीं देखा जा सकता। लेकिन हां, वो अनुभव मददगार जरूर होगा, इसमें कोई शक नहीं है। जब आप गुलाबी गेंद से खेलते हो तो आप जानते हो कि आपको किस समय क्या उम्मीद करनी हैं। इसलिए यह अनुभव मददगार होगा।'
गौरतलब है कि चेतेश्वर पुजारा ने 2016 के दलीप ट्रॉफी में कुकाबुरा की गुलाबी गेंद से मैच खेला था। उस सीरीज में पुजारा ने सबसे ज्यादा 453 रन बनाए थे जिनमें दो शतक भी शामिल थे। इंडिया ब्लू से खेलते हुए पुजारा ने नाबाद 256 रनों की पारी भी खेली थे।

पिंक बॉल से खेलने में शाम को आ सकती है दिक्कत
बीसीसीआई ने घरेलू क्रिकेट में जब भी गुलाबी गेंद का इस्तेमाल किया है वो कुकाबुरा की रही है। वहीं अन्य मैचों में बीसीसीआई एसजी गेंद का इस्तेमाल करती है।
पुजारा ने कहा, 'दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली गई हालिया सीरीज को देखिए, गेंद ने जिस तरह से अपना आकार बनाए रखा उससे खिलाड़ी काफी खुश थे और यहां तक की गेंद की क्वालीटी भी काफी अच्छी थी। इसलिए हम गुलाबी गेंद से भी इसी तरह की उम्मीद कर रहे हैं। हां ये लाल गेंद की अपेक्षा थोड़ी अलग जरूर होगी लेकिन ज्यादा कुछ अंतर नहीं होगा।'
इससे पहले पुजारा ने पिंक बॉल से खेलते हुए शाम के समय समस्या आने की बात को स्वीकार किया था।

टेस्ट मैच से पहले पिंक बॉल से अभ्यास जरूरी है
पुजारा ने कहा, 'कई बार पिंक बॉल से शाम के समय खेलना चुनौतीपूर्ण काम होता है। इसके लिये आपको थोड़ी प्रैक्टिस की जरूरत होती है और जब आप एक बार पिंक बॉल से खेलना शुरू कर देते हैं तो शाम के समय खेलने के आदि हो जाते हैं। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि मैच से पहले कुछ समय तक खिलाड़ी इस गेंद के साथ अभ्यास करें। मुझे जब भी मौका मिलेगा मैं अभ्यास करने की कोशिश करूंगा।'
आपको बता दें कि मीडिया से बात करते हुए बीसीसीआई के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि खिलाड़ियों को पहले टेस्ट मैच से पहले इंदौर में दोनों खिलाड़ियों को पिंक बॉल दी जाएगी ताकि वो ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिस कर सकें।
वहीं रात को अपने पसंदीदा खिलाड़ियों की एक झलक पाने के लिए फैंस हवाई अड्डे पर देर रात तक जमा थे, हालांकि पुलिस ने वहां सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किये थे। मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोशिएशन के एक अधिकारी ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि फिलहाल दोनों टीमें के अभ्यास सत्र का आधिकारिक शेड्यूल जारी नहीं किया गया है।
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