जहीर की जगह धोनी ने थामी गेंद, पीटरसन परेशान
लॉर्ड्स। लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन ही जहीर खान के चोटिल हो जाने के बाद हर कोई कह रहा था कि कप्तान धोनी की मुसीबते बढ़ गई हैं। लेकिन कप्तान धोनी के दिमाग में तो कुछ और ही चल रहा था। लंच के बाद वे जब बिना पैड पहनकर निकले तो सब देखकर हैरान थे कि धोनी की जगह राहुल द्रविड़ ने पैड क्यों बांध रखे हैं। जब धोनी गेंद पकड़कर गेंदबाजी क्रीज की तरफ यानिकि अंपायर की तरफ बढ़े तो साफ हो गया कि कप्तान गेंदबाजी से भी कमाल करने की फिराक में हैं।
अपने बल्ले और कप्तानी पारी में शातिर चालों से विरोधी टीम को चित कर देने वाले धोनी ने अपनी पहली गेंद पर ही शानदार बल्लेबाजी कर रहे केविन पीटरसन को घुटनों के बल ला दिया। धोनी की पहली ही गेंद पीटरसन के पैठ पर लगी। धोनी ने इस गेंद पर जोरदार अपील की। लेकिन अंपायर ने आउट दिया। इसके बाद अगले ओवर की पहली गेंद फिर से जोरदार अपील हुई। अपील थी विकेट के पीछे कैच की। अंपायर की उंगली हवा में लहरा गई। इसके बाद पीटरसन ने रिव्यू सिस्टम लिया जिसमें थर्ड अंपायर ने उन्हें नाट आउट करार दिया।
दूसरे दिन की शुरुआत से ही बिना किसी मुश्किल में बल्लेबाजी कर रहे केविन पीटरसन को गेदबाज धोनी ने खासा परेशान किया। वे धोनी की हर दूसरी गेंद पर बीट हो रहे थे। कप्तान धोनी इंग्लैंड की बल्लेबाजी पर दबाव बनाने में कामयाब रहे हैं। दूसरे छोर से गेंदबाजी कर रहे हरभजन सिंह को भी इससे फायदा मिल रहा था। लॉर्ड्स की पिच पर जहां ईशांत शर्मा और प्रवीण कुमार बल्लेबाजों को परेशान नहीं कर पा रहे थे वहीं धोनी ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को संभलकर खेलने को मजबूर कर दिया।
जब भी भारतीय टीम मुश्किल में होती है तो धेनी आगे बढ़कर अपनी टीम का हौंसला बढ़ाते हैं। बल्ले से भारत को विश्वकप जैसी ऐतिहासिक जीते दिलाने वाले धोनी गेंद से कितना कमाल दिखा पाते हैं यह तो आने वाला समय बताएगा। फिलहाल धोनी ने गेंद थामकर यह तो साबित कर दिया कि वे किसी भी रोल में भारत की जीत के हीरो साबित हो सकते हैं।
अपने बल्ले और कप्तानी पारी में शातिर चालों से विरोधी टीम को चित कर देने वाले धोनी ने अपनी पहली गेंद पर ही शानदार बल्लेबाजी कर रहे केविन पीटरसन को घुटनों के बल ला दिया। धोनी की पहली ही गेंद पीटरसन के पैठ पर लगी। धोनी ने इस गेंद पर जोरदार अपील की। लेकिन अंपायर ने आउट दिया। इसके बाद अगले ओवर की पहली गेंद फिर से जोरदार अपील हुई। अपील थी विकेट के पीछे कैच की। अंपायर की उंगली हवा में लहरा गई। इसके बाद पीटरसन ने रिव्यू सिस्टम लिया जिसमें थर्ड अंपायर ने उन्हें नाट आउट करार दिया।
दूसरे दिन की शुरुआत से ही बिना किसी मुश्किल में बल्लेबाजी कर रहे केविन पीटरसन को गेदबाज धोनी ने खासा परेशान किया। वे धोनी की हर दूसरी गेंद पर बीट हो रहे थे। कप्तान धोनी इंग्लैंड की बल्लेबाजी पर दबाव बनाने में कामयाब रहे हैं। दूसरे छोर से गेंदबाजी कर रहे हरभजन सिंह को भी इससे फायदा मिल रहा था। लॉर्ड्स की पिच पर जहां ईशांत शर्मा और प्रवीण कुमार बल्लेबाजों को परेशान नहीं कर पा रहे थे वहीं धोनी ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को संभलकर खेलने को मजबूर कर दिया।
जब भी भारतीय टीम मुश्किल में होती है तो धेनी आगे बढ़कर अपनी टीम का हौंसला बढ़ाते हैं। बल्ले से भारत को विश्वकप जैसी ऐतिहासिक जीते दिलाने वाले धोनी गेंद से कितना कमाल दिखा पाते हैं यह तो आने वाला समय बताएगा। फिलहाल धोनी ने गेंद थामकर यह तो साबित कर दिया कि वे किसी भी रोल में भारत की जीत के हीरो साबित हो सकते हैं।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:19 [IST]
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