ये बहे आंसूओं का प्रहार है जनाब, तो फिर कुर्सी हासिल करना कैसे चूक जाए 'बादशाह'
स्पोर्ट्स डेस्क(नोएडा) बहते आंसूओं में बहुत ताकत होती है। बस फर्क इतना है कोई इंसान इन्हें बहाकर चूर-चूर होने लगता है तो कोई इन्हीं को अपना हथियार बनाकर वो काम कर दिखाने की ठान लेता है जिस कारण आंखें नम पड़ी हों। स्टीव स्मिथ का दाैर भी कुछ ऐसे ही गुजरा। पहले तो पूरी दुनिया के सामने आंसू बहाए, फिर मरहम लगाने के लिए क्रिकेट को ही अपना हथियार बना लिया। आस्ट्रेलिया के इस पूर्व कप्तान ने इंग्लैंड के खिलाफ एशेज सीरीज दाैरान ना सिर्फ सबको चाैंकाया बल्कि अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट की रैंकिंग में फिर से पहला स्थान भी हासिल किया। किसी भी खिलाड़ी के लिए बदनामी खटने के बाद फिर दोबारा दुनिया के सामने बल्ला लहराना आसान नहीं रहता, क्योंकि इस बीच आपको फिर तंज कसने वाले मिलेंगे। आपको गिरा हुआ बताने का प्रयास करेंगे। स्टीव स्मिथ के साथ भी ऐसा हुआ जब एशेज के दूसरे टेस्ट में वह जोफ्रा आर्चर की गेंद पर चोटिल होकर नीचे गिर और ऊधर इंग्लैंड के फैंस ने जोर-जोर से हूटिंग करना शुरू कर दी। यह अजीब था, क्योंकि महान क्रिकेटर के प्रति ऐसा व्यवहार कतई उचित नहीं। खैर, यह क्रिकेट है, यहां जीत को पहल दी जाती है जिसके लिए कुछ भी कबूल है, फिर चाहे सामने वाले खिलाड़ी को घायल कर वापस भेजने का प्लान क्यों ना हो।

टेंपरिंग कर गई बदनाम
साल 2018 का वो समय काैन भूलेगा जब क्रिकेट जगत में हर कोई स्मिथ के खिलाफ आवाज उठा रहा था। यहां तक उनपर आजीवन प्रतिबंध लगाने की भी मां उठी। ये सब तब हुआ जब पिछले साल मार्च के महीने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 4 टेस्ट मैचों की सीरीज के तीसरे मैच में स्मिथ पर बाॅल टेंपरिंग करने का आरोप लगा। हालांकि अकेले स्मिथ ही नहीं, बल्कि डेविड वाॅर्नर और कैमरून बेनक्राफ्ट भी फंसे। पर ज्यादा टारगेट हुए स्मिथ, जो कप्तान थे। आईसीसी ने तो कार्रवाई की लेकिन क्रिकेट आस्ट्रेलिया(सीए) ने वाॅर्नर के साथ-साथ स्मिथ पर भी 1 साल का बैन लगा दिया। सीए के फैसले के बाद जब प्रैस कांफ्रेस करते हुए स्मिथ दुनिया से रूबरू हुए तो उनकी आंखें लाल पड़ गईं। आंसू ऐसे निकले मानो जैसे खून। उन्होंने गलती स्वीकार की और भविष्य में ऐसा ना दोहराने की कसम भी खाई। हालांकि तब भी उनपर कोई रहम नहीं दिखा। सीए ने लगाया 1 साल का बैन जारी रखा। 2015 का आईसीसी विश्व कप आस्ट्रेलिया को जीताने वाला स्मिथ जैसा कप्तान टूट चुका था, क्योंकि मैदान से बनने जा रही दूरी वह भी सहन ना कर पाते। खासकर महान खिलाड़ी के लिए मैदान छोड़ा बिल्कुल भी आसान नहीं।

फिर भी बनाया नाम
जब स्मिथ पर बैन लगा तो वह फाॅर्म में थे लेकिन कईयों का कहना ऐसा भी रहा कि वो दमदार वापसी नहीं कर पाएंगे। खुद स्मिथ को भी एक समय लगा कि उन्हें तो क्रिकेट ही छोड़ देना चाहिए। स्मिथ ने बयान दिया, 'पिछले 15 महीनों में कई बार ऐसा समय आया जब मैं यह नहीं जानता था कि मैं कभी क्रिकेट खेल पाऊंगा या नहीं।' उनके इस बयान से साफ झलकता है कि स्मिथ को अपनी काबिलियत पर भी शक होने लगा था, लेकिन उन्होंने बैन खत्म होने के बाद आईपीएल के जरिए क्रिकेट में वापसी की, जहां उन्होंने धैर्य रखते हुए वही क्लास दिखाई जो पहले दिखाते थे। फिर उन्हें अपनी टीम में खेलने का माैका तब मिला जब एशेज सीरीज आई। स्मिथ ने पहले टेस्ट की दोनों पारियों में शतक ठोक दिए। पहली पारी में 144 तो दूसरी पारी में 142 रन बनाए जिसकी बदाैलत आस्ट्रेलिया जीता। स्मिथ ने दूसरे मैच में भी 92 रनों की पारी खेली जिसकी बदाैलत आस्ट्रेलिया मैच ड्रा हो सका।

सिर्फ तीन पारियां कोहली को पछाड़ गईं
स्मिथ की एशेज में खेली गई महज 3 पारियां ही भारत के ही नहीं बल्कि दुनिया के महान बल्लेबाजों में से एक विराट कोहली पर भारी पड़ गईं। कोहली वनडे के तो नंबर बल्लेबाज थे, लेकिन स्मिथ के बैन लगने के बाद वह पिछले साल अगस्त में टेस्ट में भी नंबर बन बल्लेबाज बन गए। चारों तरफ कोहली के चर्चे होने लगे। दिखने लगा कि वह स्मिथ के कई गुना आगे निकल जाएंगे। रैंकिंग के मामले में भी वहीं शतकों के मामले में भी। लेकिन स्मिथ भी कम नहीं। टेस्ट में माैजूदा समय में कोहली और स्मिथ के बीच में ही टक्कर है। कोहली विंडीज के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों की सीरीज में सिर्फ 51, 9, 76 और 0 रन की पारियां खेल सके। इसका फायदा सीधा स्मिथ को मिला जिन्होंने महज एशेज में खेले 2 मैचों में ही कोहली को रैंकिंग में पछाड़ दिया। स्मिथ को अभी 2 मैच आैर खेलने हैं। अगर वो इस दाैरान भी रन बरसाते हैं तो उनकी रैंकिंग और बेहतर हो जाएगी जो कोहली के लिए आगे कड़ी चुनाैती पेश करेगी।
अब ऐसी है बल्लेबाजी रैंकिंग-
स्टीव स्मिथ- पहला स्थान, रेटिंग 904
विराट कोहली- दूसरा स्थान, रेटिंग 903
केन विलियमसन- तीसरा स्थान, रेटिंग 878
टाॅप 3 बल्लेबाजों की रैंकिंग देख साफ हो गया कि अब फिर से क्रिकेट प्रेमियों को कोहली-स्मिथ के बीच टक्कर देखने को मिलेगी। काैन सा खिलाड़ी कबतक नंबर वन की कुर्सी संभाले रखता है, यह देखना भी दिलचस्प रहेगा।
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