इस भारतीय क्रिकेटर ने BCCI सेलेक्टर्स पर उठाए सवाल, पूछा- क्या खेलने की अहमयित जीरो है
नई दिल्ली। हमारे देश में क्रिकेट खेलने वालों की कमी नहीं है। यही कारण है भारतीय क्रिकेट टीम में क्रिकेट के तीनों फाॅर्मेट के लिए मजबूत खिलाड़ी हैं। हर क्रिकेटर का सपना होता है कि वो घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करे और फिर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाए। लेकिन इमसें कोई शक नहीं कि ऐसे कई खिलाड़ी हैं जो अच्छा प्रदर्शन तो करते हैं पर उन्हें फिर कई बार आगे बढ़ने का माैका नहीं मिल पाता। सौराष्ट्र के विकेटकीपर शेल्डन जैक्सन के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ, जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में रन बरसाए लेकिन उन्हें इंडिया ए की टीम में शामिल नहीं किया गया। अब जैक्सन का BCCI सेलेक्टर्स पर गुस्सा निकला है और उन्होंने तीन ट्वीट करते हुए कई सवाल किए।
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क्या खेलने की अहमयित जीरो है
जैक्सन का मानना है कि सौराष्ट्र के खिलाड़ियों के साथ सही व्यवहार नहीं हुआ है। जैक्सन ने पहले ट्वीट में लिखा, 'सौराष्ट्र ने इस साल रणजी ट्रॉफी फाइनल खेला और हैरानी की बात ये है कि हर प्लेटफॉर्म पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को इंडिया ए टीम में जगह नहीं मिली। तो क्या रणजी ट्रॉफी फाइनल में खेलने की अहमयित जीरो है।'
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प्रदर्शन के मुताबिक क्रेडिट नही मिला
यही नहीं, जैक्सन ने सेलेक्टर्स पर अपना गुस्सा उतारते हुए दूसरे ट्वीट में लिखा, 'छोटे प्रदेशों की टीमों को गंभीरता से नहीं लिया जाता है, पिछले पांच सालों में सौराष्ट्र ने सितांशु कोटक की कोचिंग में 3 फाइनल खेले हैं लेकिन हमें प्रदर्शन के मुताबिक क्रेडिट नही मिला।' जैक्सन रणजी ट्रॉफी में सौराष्ट्र के टॉप स्कोरर थे। उन्होंने 11 मैचों में 47 से ज्यादा के औसत से 854 रन बनाए थे। उन्होंने इस दौरान 2 शतक और 7 अर्द्धशतक लगाए थे। अपनी टीम को फाइनल तक पहुंचाने में शेल्डन के प्रदर्शन का महत्वपूर्ण रोल था। शानदार प्रदर्शन के बाद भी जैक्सन को दुलीप ट्रॉफी की टीमों में नहीं चुना गया।
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सेलेक्टर्स को पारदर्शी होना जरूरी
शेल्डन जैक्सन ने सेलेक्टर्स को पारदर्शी होने की सलाह भी दी। उन्होंने तीसरे ट्वीट में लिखा, 'मैं सवाल नहीं कर रहा हूं, लेकिन मेरा मानना है कि हम इस खूबसूरत संगठन और संघ का प्रतिनिधित्व करते हैं और हम खिलाड़ी जानना चाहते हैं कि आखिर हमारे प्रदर्शन में कमी कहां रह जा रही है, या फिर हमारे क्रिकेट करियर सिर्फ चले ही जा रहे हैं। सेलेक्टर्स को पारदर्शी होना चाहिए।'
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