अंपायर ने दिया नॉट आउट फिर भी छोड़ा मैदान, ऐतिहासिक पिंक बॉल टेस्ट में पूनम राउत ने दिखाई अद्भुत खेल भावना
नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहुंची भारतीय महिला क्रिकेट टीम इस समय ऐतिहासिक पिंक बॉल टेस्ट खेल रही है। क्वीन्सलैंड के मैदान पर खेला जा रहा यह ऐतिहासिक मैच भारतीय महिला टीम का पहला डे-नाइट टेस्ट मैच है जिसमें ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेट टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है, हालांकि कप्तान मेग लैनिंग का यह फैसला अभी तक कंगारुओं के पक्ष में नहीं गुजरा है। भारतीय महिला टीम ने सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना (127) की शतकीय पारी के दम पर दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक 5 विकेट खोकर 276 रन बना लिये हैं और अभी भी बल्लेबाजी जारी है।
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इस बीच दूसरे दिन मंधाना का विकेट गिरने के बाद खेल रही भारतीय बैटर पूनम राउत ने मैदान पर खेल भावना की वो मिसाल पेश की जिसे देखकर खेल जगत हैरान हो गया है। जहां दुनिया भर के फैन्स उनके इस कदम की तारीफ कर रहे हैं तो वहीं पर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी भी हैरान रह गये हैं, वहीं कंगारू टीम की सलामी बल्लेबाज बेथ मूनी ने यहां तक कह दिया कि अगर वो पूनम की जगह होती तो कभी भी ऐसा कदम न उठाती।
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अंपायर के नॉट आउट देने पर भी नहीं रुकी पूनम राउत
दरअसल पहली पारी के 81वें ओवर में पूनम राउत का सामना सोफी मॉलिनेक्स से हुआ, जिनकी तीसरी गेंद राउत के बल्ले के पास से निकली। विकेटकीपर हीली ने गेंद को पकड़ा जिसके बाद ऑस्ट्रलियाई फील्डर्स ने कॉट बिहाइंड की अपील की, हालांकि अंपायर ने नॉट आउट का डिसिजन दिया। इसके बावजूद पूनम राउत ने खुद को आउट करार देते हुए पवेलियन जाने लगी।
उल्लेखनीय है कि महिला क्रिकेट में अभी तक डिसिजन रिव्यू सिस्टम का प्रावधान नहीं है जिसका मतलब है कि अगर पूनम राउत चाहती तो वो अंपायर के फैसले के बाद मैदान पर खड़ी रह सकती थी। इतना ही नहीं ऑस्ट्रेलियाई फील्डर्स ने भी कोई बहुत बड़ी अपील नहीं की थी। हालांकि इस भारतीय बैटर ने अपने आदर्शों को प्राथमिकता देते हुए माना कि उनके बल्ले का किनारा लगा था और मैदान से चली गई।
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मैं होती तो कभी भी मैदान छोड़कर नहीं जाती
पूनम राउत को पवेलियन की तरफ जाते देख न सिर्फ अपंयार बल्कि ऑस्ट्रेलियाई फील्डर भी हैरान रह गये। पूनम राउत को पता था कि गेंद उनके बल्ले को छूकर निकली है और इसी वजह से उन्होंने वापस जाने का फैसला किया। गौरतलब है कि जब पूनम राउत का विकेट गिरा तो वो पहले ही 165 गेंदों का सामना कर चुकी थी और 2 चौकों की मदद से 36 रन बना चुकी थी। ऐसे में पूनम राउत एक बड़ी पारी खेलने की ओर बढ़ रही थी और अंपायर का फैसला उनके पक्ष में आने के बाद वह आसानी से अपना अर्धशतक पूरा कर सकती थी।
राउत की इस खेल भावना को देखकर ऑस्ट्रेलियाई टीम की सलामी बैटर बेथ मूनी भी हैरान रह गई और स्टंप माइक में यह कहती हुई सुनी गई कि ऐसी स्थिति में मैं कभी भी मैदान छोड़कर नहीं जाउंगी, खास तौर पर तब जब चीजें आपके हित में इस तरह से गुजर रही हों। मूनी के इस बयान ने भी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बटोर ली हैं, जो दिखाता है कि पूनम राउत ने कितना बड़ा काम किया है।

मंधाना के शतक से भारत आगे
पिंक बॉल टेस्ट की बात करें तो कैररा ओवल के मैदान पर खेले जा रहे इस मैच में स्मृति मंधाना (127) और शैफाली वर्मा (31) ने पहले विकेट के लिये 93 रनों की साझेदारी कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई, जिसके बाद मंधाना ने अपना शतक पूरा किया। मंधाना पिंक बॉल टेस्ट में शतक लगाने वाली भारत की दूसरी बैटर और पहली महिला बैटर बनी। उनसे पहले विराट कोहली ने पुरुषों के लिये पहले पिंक बॉल टेस्ट मैच में शतक लगाया था।
वहीं पर शैफाली के जाने के बाद पूनम राउत (36) ने मंधाना के साथ दूसरे विकेट के लिये 102 रनों की साझेदारी कर टीम को ड्राइविंग सीट पर पहुंचा दिया। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक भारतीय महिला टीम ने 5 विकेट खोकर 276 रन बना लिये हैं। अब सिर्फ 2 दिन का खेल और बचा है।
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