किंग्सटन जमैका। भारतीय टीम का जो हाल वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे वन-डे में हुआ वो अब मैन इन ब्लू सीरीज के आखिरी मैच में बिल्कुल भी नहीं करना चाहेगी। जहां एक तरफ दो मैच जीतने के बाद भारत कल सीरीज पर 3-1 से कब्जा करना चाहेगी वहीं एक मैच जीतने के बाद वेस्टइंडीज टीम के हौसले बुलंद है और वे सीरीज को बराबरी पर लाकर खत्म करना चाहेंगे।
इसमें कोई दो राय नहीं है कि एंटिगा वन-डे में टीम इंडिया के बल्लेबाजों ने मिलकर लुटिया डुबोने का काम किया था और 190 का टारगेट तक चैस नहीं कर पायी थी वर्ना सीरीज तो चौथे मैच में ही खत्म होती दिख रही थी।
भारत का टॉप ऑर्डर अभी भी मजबूत दिखाई देता है । रहाणे और धवन की जोड़ी ने सीरीज में अब तक 4 फिफ्टी ठोकी है और दोनों ही अच्छे फॉर्म में दिखाई दे रहे हैं। पिछले मैच में खराब शॉट सेलेक्शन और मिडिल ऑर्डर के धीमी बैटिंग को देखा जाए तो टीम को कहीं न कहीं चिंता में डालती है। पिछले मैच में धोनी ने बहुत ही धीमी बैटिंग करते हुए 114 गेंदों में मात्र 58 रन बनाए थे।
कप्तान कोहली को रविंद्र जडेजा पर अभी भी बहुत भरोसा है लेकिन देखा जाए तो ऑलराउंडर जडेजा इस सीरीज में बॉलिंग और बैटिंग दोनों में नाकाम रहे हैं। वहीं, युवराज अब इंजरी के ऊबर चुके हैं तो शायद वे आखिरी मैच खेलते हुए नजर आ सकते हैं। दिनेश कार्तिक को करीब साढ़े तीन साल बाद वन-डे में खेलने का मौका मिला था लेकिन वो भी चौथे मैच में अपना जलवा नहीं दिखा पाए।
पिछले मैच में खराब शॉट सेलेक्शन को लेकर कप्तान विराट कोहली ने टीम के बल्लेबाजों की आलोचना नहीं की है तो सीरीज के आखिरी मैच में मिडिल ऑर्डर के चैंजेस होने की संभावना बहुत कम ही है।
वहीं दूसरी तरफ देखा जाए तो पिछले मैच में भारत को 178 रनों पर समेटने के बाद मेजबान टीम आत्मविश्वास से लबरेज है। इस सरप्राइज जीत के साथ वेस्टइंडीज बगैर किसी बदलाव के साथ मैदान में उतरना चाहेगी। कप्तान जैसन होल्डर के साथ वेस्टइंडीज का बॉलिंग अटैक खतरानक है और वे आखिरी मैच में जीत के लिए जी जान लगाने उतरेंगे।