
रैना नहीं होंगे मैच के लिए उपलब्ध
लेकिन सीरीज से पहले भारतीय टीम के सामने कई चुनौतियां भी हैं,वनडे सीरीज शुरु होने से पहले ही सुरेश रैना को वायरल फीवर हो गया है और वह पहले वनडे से बाहर है। हालांकि माना जा रहा है कि आगामी मैचों में वह टीम में वापसी कर सकते हैं।

धोनी के पास बड़ी चुनौती
यह वनडे सीरीज कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए बड़ी चुनौती साबित होगी। बतौर कप्तान वनडे में पिछले कुछ सालों में टीम इंडिया और कप्तान धोनी का रिकॉर्ड लगातार गिरा है। लेकिन दूसरी तरह कप्तान कोहली ने टेस्ट मैचों में टीम को नंबर एक तक पहुंचाया है।
ऐसे में कप्तान धोनी को अपनी क्षमता को एक बार फिर से लोगों को सामने दिखाना होगा, ताकि वह कोहली की मजबूत दावेदारी को कुछ समय के लिए और रोक सके। खुद धोनी ने मैच से पहले प्रेस कांफ्रेंस करके टीम की रणनीति पर बात की।

धोनी तैयार हैं युवा टीम के साथ
धोनी ने कहा कि जसप्रीत बुमरा ने कई मौकों उपरी क्रम में पर अच्छी बल्लेबाजी करके दिखाया है तो वह काफी अहम साबित हो सकते हैं, वही उमेश यादव के बारे में धोनी ने कहा कि उनके पास अच्छा मौका है खुद को साबित करने का। उन्होंने कहा कि धवल कुलकर्णी ने भी घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है। ऐसे में इन खिलाड़ियों के पास मौका है इस मौके पर बेहतर प्रदर्शन करें।

रैंकिंग में ला सकते हैं सुधार
टीम इंडिया की रैंकिंग को बेहतर करने के लिए धोनी को न्यूजीलैंड को 4-1 से हराना होगा। मौजूदा समय में किवी टीम की रैंकिंग 113 अंकों के साथ तीन है जबकि भारतीय टीम 110 अंकों के साथ चौथे पायदान पर है।

आंकड़े टीम इंडिया के पक्ष में
टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप के बाद न्यूजीलैंड की टीम वनडे में बेहतर प्रदर्शन करने के इरादे से उतरेगी। किवी टीम ने भारतीय जमीन पर कभी भी कोई द्वीपक्षिय सीरीज नहीं जीती है। पिछली चार सीरीज में न्यूजीलैंड को हार का सामना करना पड़ा है। दोनों के बीच 1988, 1995, 1999, 2010 में सीरीज खेली गई है ,जिसमें वह कभी जीत दर्ज नहीं कर पाए हैं।
यही नहीं 2010 में भारतीय टीम ने अपने मजबूत टीम के बगैर ही गौतम गंभीर की अगुवाई में किवी टीम को 5-0 से हराया था। दोनों ही टीमों के बीच अभी तक 93 मैच खेले गए हैं जिसमें भारत को 46 में तो न्यूजीलैंड को 41 मैचों में जीत हासिल हुई है। पांच मैचों में कोई नतीजा नहीं आया है।

अश्विन को दिया गया आराम
इस सीरीज के लिए स्टार स्पिनर आर अश्विन को आराम दिया गया है। जबकि अक्षर पटेल, जयंत यादव व धवल कुलकर्णी को टीम में मौका दिया गया है। हार्दिक पांड्या की भी टीम में एक बार फिर से वापसी हुई है।
तेज गेंदबाजों में भुवनेश्वर कुमार को अनफिट होने की वजह से जगह नहीं मिली है तो इशांत शर्मा चिकनगुनिया की वजह से टीम में जगह नहीं बना पाए हैं।

धोनी को दिखाना होगा दम
एक तरफ जहां पहला दोहरा शतक लगा कर कोहली के हौसले बुलंद हैं तो दूसरी तरफ कप्तान धोनी 2015 में आखिरी बार 92 रनों की अच्छी पारी खेली थी। ऐसे में धोनी पर भी अपने प्रदर्शन को लेकर दबाव होगा।


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