तीन साल में 7 बार गिरी इस क्रिकेटर के फ्लैट की सीलिंग, देखें तस्वीरें
नई दिल्ली। क्रिकेटर के फ्लैट से जुड़ा एक अनोखा मामला सामने आया है। जी हां, दरअसल 2004 अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम के खिलाड़ी रहे निखिल राठौड़ के फ्लैट की सीलिंग है कि रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। निखिल रेलवे में टिकट निरीक्षक हैं और वह पिछले काफी समय से विभागों के चक्कर लगा रहे हैं ताकि अधिकारी उनके रेवले फ्लैट की हालत पर भी नजर डाल सकें। पिछले तीन सालों में निखिल राठौड़ और उनके परिवार के फ्लैट की सीलिंग सात बार गिरी है। लेकिन इसके वाबजूद उनकी कई शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया है।

पत्नी के सिर पर एक बड़ा हिस्सा गिर गया था
दाएं हाथ के बल्लेबाज और लेग-ब्रेक गेंदबाज राठौड़ अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ सायन के अग्रवाडा कॉलोनी में रहते हैं। उनके अनुसार, अगस्त 2014 में फ्लैट में जाने के बाद से पूरे घर और बालकनी समेत छत की सीलिंग सात बार गिर चुकी हैं।
आठ महीने पहले उनकी पत्नी के सिर पर एक बड़ा हिस्सा गिर गया था। तब वह पेट से थीं और उन्हें गंभीर चोटों भी आई थीं। हालांकि उन्होंने तब इसकी पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। क्योंकि उन्हें उचित रखरखाव का आश्वासन दिया गया था।

मेरी चार वर्षीय बेटी और बच्चे के लिए डरता हूं
राठौड़ ने मिड डे से बात करते हुए कहा, "29 अक्टूबर को फिर से एक बड़ा टुकड़ा गिर गया। जहां मेरा सात महीने का बच्चा सो रहा था। वह मर सकता था ... मैंने अधिकारियों को बताया और कहा कि क्वार्टर मरम्मत दोबारा मरम्मत लायक नहीं है यहां रहना और खतरनाक है। मैं लगातार अपने परिवार, मेरी चार वर्षीय बेटी और बच्चे के लिए डरता हूं।" राठौड़ ने अपनी शिकायतें सायन पुलिस, सेंट्रल रेलवे के महाप्रबंधक और डिवीजनल रेल प्रबंधक (डीआरएम) को भेजी है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, "हमें उनकी शिकायत मिली है और इस मामले पर विचार कर रहे हैं।"

उन्होंने कहा कि उनके पास समय नहीं
मिड डे के मुताबिक राठौड़ ने आरोप लगाते हुए कहा, "मैं पिछले दिन सीलिंग गिरने के बाद 30 अक्टूबर को वरिष्ठ डीपीओ विनीता वर्मा से मिलने गया था, लेकिन वह डीआरएम के साथ मीटिंग में बिजी थीं। 90 मिनट की इंतजार करने के बाद, उन्होंने मुझे फोन किया अपने कैबिन में मैंने उन्हें समस्या बताई और उनसे मेरा लेटर पढ़ने के लिए अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने कहा कि उनके पास समय नहीं है और यहां तक कि यह भी कहा है कि 'तुमने वहां रहने के लिए किसने कहा था? यदि आप नहीं चाहते हैं तो छोड़ दो ...'

हम उनकी समस्या को गंभीरता से ले रहे हैं
वहीं इस मामले में वर्मा ने कहा, "मैंने उनसे प्रॉपर चैन के जरिए आवेदन करने के लिए कहा था। प्रतीक्षा सूची में कई लोग हैं जो असुरक्षित घोषित क्वार्टर में रहते हैं। हमें उन्हें पहले स्थानांतरित करने की जरूरत है। हम उनकी समस्या को गंभीरता से ले रहे हैं और इस मामले पर विचार कर रहे हैं। "
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