पेरिस को अलविदा कह सकता है फ्रेंच ओपन
पेरिस। विश्व में क्ले-कोर्ट के सबसे प्रतिष्ठित टेनिस टूर्नामेंट फ्रेंच ओपन को इसके पारंपरिक आयोजन स्थल फ्रांस की राजधानी पेरिस से बाहर ले जाया जा सकता है।
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक बीते वर्षो के दौरान साल के दूसरे ग्रैंड स्लैम के रूप में मशहूर लाल मिट्टी पर खेले जाने वाले फ्रेंच ओपन का विस्तार इस कदर हुआ है कि अब रोलां गैरां (मुख्य आयोजन स्थल) में इसका आयोजन संभव नहीं दिख रहा है। फ्रेंच ओपन के आयोजकों ने रोलां गैरां के विस्तार की योजना बनाई थी लेकिन पर्यावरणविदों और स्थानीय लोगों के विरोध के कारण इस योजना को अमली जामा नहीं पहनाया जा सका।
इसे देखते हुए आयोजक इस टूर्नामेंट को पेरिस से बाहर ले जाने के बारे में सोचने रहे हैं। टूर्नामेंट निदेशक गिल्बर्ट येसर्न ने कहा, "हमारे पास दो रास्ते हैं। या तो हम रोलां गैरां का विस्तार करें या फिर कहीं और जाएं। पेरिस छोड़ना दिल तोड़ने वाली बात है लेकिन हम मजबूर हैं। हम इस पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।" रोलां गैरां के सेंटर कोर्ट में 15,000 लोगों के बैठने की व्यवस्था है लेकिन उसकी क्षमता बढ़ाने की जरूरत है। येसर्न कहते हैं, "मौजूदा स्वरूप में हम फ्रेंच ओपन का आयोजन रोलां गैरां में नहीं करा सकते।"
राजनीतिक दांवपेंच और विरोध के कारण रोलां गैरां का विस्तार नहीं किया जा सका है। यहां विंबलडन सरीखी सरकने वाली छत लगाने का कार्यक्रम था लेकिन यह कार्य अधर में है। आयोजकों ने अपने स्तर पर सभी तरह के प्रयास किए हैं लेकिन विरोध और राजनीतिक बाधाओं के कारण वे इस स्टेडियम का विस्तार नहीं कर पा रहे हैं। इसे देखते हुए वे पेरिस के पश्चिम में स्थित बोएस दे बोलोंग जाने पर मजबूर होते दिख रहे हैं।
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक बीते वर्षो के दौरान साल के दूसरे ग्रैंड स्लैम के रूप में मशहूर लाल मिट्टी पर खेले जाने वाले फ्रेंच ओपन का विस्तार इस कदर हुआ है कि अब रोलां गैरां (मुख्य आयोजन स्थल) में इसका आयोजन संभव नहीं दिख रहा है। फ्रेंच ओपन के आयोजकों ने रोलां गैरां के विस्तार की योजना बनाई थी लेकिन पर्यावरणविदों और स्थानीय लोगों के विरोध के कारण इस योजना को अमली जामा नहीं पहनाया जा सका।
इसे देखते हुए आयोजक इस टूर्नामेंट को पेरिस से बाहर ले जाने के बारे में सोचने रहे हैं। टूर्नामेंट निदेशक गिल्बर्ट येसर्न ने कहा, "हमारे पास दो रास्ते हैं। या तो हम रोलां गैरां का विस्तार करें या फिर कहीं और जाएं। पेरिस छोड़ना दिल तोड़ने वाली बात है लेकिन हम मजबूर हैं। हम इस पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।" रोलां गैरां के सेंटर कोर्ट में 15,000 लोगों के बैठने की व्यवस्था है लेकिन उसकी क्षमता बढ़ाने की जरूरत है। येसर्न कहते हैं, "मौजूदा स्वरूप में हम फ्रेंच ओपन का आयोजन रोलां गैरां में नहीं करा सकते।"
राजनीतिक दांवपेंच और विरोध के कारण रोलां गैरां का विस्तार नहीं किया जा सका है। यहां विंबलडन सरीखी सरकने वाली छत लगाने का कार्यक्रम था लेकिन यह कार्य अधर में है। आयोजकों ने अपने स्तर पर सभी तरह के प्रयास किए हैं लेकिन विरोध और राजनीतिक बाधाओं के कारण वे इस स्टेडियम का विस्तार नहीं कर पा रहे हैं। इसे देखते हुए वे पेरिस के पश्चिम में स्थित बोएस दे बोलोंग जाने पर मजबूर होते दिख रहे हैं।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:33 [IST]
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