नई दिल्लीः भारत के पूर्व फील्डिंग कोच और श्रीधर ने रवि शास्त्री की तारीफ की है। उन्होंने बताया है कि भारत के पूर्व कोच एक बहुत ही शानदार मेन मैनेजर थे। श्रीधर शास्त्री कोहली युग का एक अहम हिस्सा रहे हैं रहे जिन्होंने भारत के ड्रेसिंग रूम में तकरीबन 7 साल बिताएं और इस दौर को अपनी जिंदगी का बेहतरीन समय बताया है।
श्रीधर ने बिना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेले ही भारतीय क्रिकेट टीम के ड्रेसिंग रूम में जो अहमियत पाई वह कम ही लोगों को मिलती है और उन्होंने टीम को दुनिया की सबसे बेहतरीन क्रिकेट टीम बनाने में अहम भूमिका भी अदा की।
श्रीधर कहते हैं कि रवि शास्त्री के अंतर्गत अगर भारत ने खराब समय भी देखा तो उसको सीखने के एक बड़े अवसर के तौर पर लिया। श्रीधर ने इस दौरान यह भी खुलासा किया है कि ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर और भारत के पूर्व क्रिकेट कोच रह चुके ग्रेग चैपल ने भी शास्त्री को कॉल किया था और उनसे पूछा था कि भारतीय टीम में ऐसी कौन सी खासियत है जो वह पलटवार करने की ऐसी काबिलियत रखती है।
दरअसल यह रवि शास्त्री, गेंदबाजी कोच भरत अरुण और आर श्रीधर की जोड़ी थी जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया में 2 बार भारत को जीतते हुए देखा और पिछले साल कंगारुओं को उन्हीं की धरती पर मात देने वाली भारतीय टीम में कई बड़े क्रिकेट सितारे भी नहीं थे।
श्रीधर ने प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से बातचीत करते हुए बताया कि यह एक यह सीखने के लिए एक शानदार अवसर था। एक कोच के तौर पर मेरे लिए एक खराब दिन एक अच्छी कोचिंग एक अच्छे कोचिंग अवसर के तौर पर होता था। जो अच्छे दिन होते हैं वह बहुत अच्छे कोचिंग अवसर के तौर पर नहीं होते, लेकिन बुरे दिन ऐसे ही होते हैं।
श्रीधर कहते हैं कि, कोचिंग अवसर को आप खिलाड़ियों को समझने के तौर पर ले सकते हैं ताकि आप उनके साथ एक अच्छे संबंध स्थापित कर सके उनको टेक्निकली और मेंटली सहयोग कर सकें। इस तरह से आप टीम और खिलाड़ियों को जान जाते हैं। असल में एक खराब दिन पर आप जैसे परफॉर्म करते हैं उसी तरह की टीम आप होते भी हैं। भारत की टीम तो बहुत ही शानदार थी और इसमें काफी दृढ़ता भी थी।
वह आगे कहते हैं कि हाल ही में ग्रेग चैपल ने रवि भाई को कॉल किया और पूछा कि आप किस तरीके से इतने सारे इतनी हार के बावजूद वापसी कर लेते हो। इससे ही टीम की काबिलियत का पता लग जाता है।
श्रीधर यह भी कहते हैं कि रवि शास्त्री के अंतर्गत भारतीय सपोर्ट स्टाफ के सदस्यों के पास पूरी छूट थी और टीम के हित के लिए अलग-अलग लोगों के अलग-अलग नजरिए का इस्तेमाल भी किया जाता था। सोच में अंतर हो सकता था लेकिन सब टीम का ही भला चाहते थे और इस फर्क को टीम के हित के लिए ही इस्तेमाल किया जाता था।
श्रीधर कहते हैं कि, आप हमेशा रवि भाई के पास जा सकते हैं और उनसे बात कर सकते हैं। हो सकता है कि आप बल्लेबाजी क्रम में बदलाव करना चाहते हो या फिर कोई अन्य मुद्दा हो। आप हमेशा कभी शास्त्री के पास जाकर बात कर सकते हैं।
श्रीधर रवि शास्त्री की कुछ बेहतरीन काबिलियत के बारे में बात करते हुए कहते हैं कि शास्त्री में जबरदस्त लीडरशिप क्वालिटीज थी और उनकी मैन मैनेजमेंट स्किल बहुत ही शानदार थी जिनके दम पर वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह मुकाम बड़ा मुकाम हासिल करने में कामयाब रहे।