सचिन चमके, भारत जीता
मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के ज़बरदस्त शतक और हरभजन सिंह की शानदार गेंदबाज़ी की बदौलत भारत ने त्रिकोणीय श्रृंखला के फ़ाइनल में श्रीलंका को 46 रनों से हरा दिया है.
श्रीलंका के सामने भारत ने जीत के लिए 320 रनों का लक्ष्य रखा था लेकिन श्रीलंका की टीम 46.4 ओवरों में ही 273 रनों पर सिमट गई.
सचिन को उनकी ज़बरदस्त 138 रनों की पारी के लिए मैन ऑफ़ दी मैच का एवार्ड तो मिला ही उन्हें मैन ऑफ़ दी सीरीज़ भी घोषित किया गया.
सचिन के करियर में ये 59वीं बार है जब उन्हें मैन ऑफ़ दी मैच और 14वीं बार है जब उन्हें मैन ऑफ़ दी सीरीज़ घोषित किया गया.
ये उनके करियर का 44वां एक दिवसीय शतक है.
जीत के बाद उनका कहना था ये जीत पूरी टीम की कोशिश का फल है और साथ ही उन्होंने श्रीलंकाई टीम को भी उनके ज़बरदस्त प्रदर्शन के लिए बधाई दी.
सचिन की ज़बरदस्त पारी भारतीय ही नहीं श्रीलंकाई दर्शकों के लिए भी एक तोहफ़े की तरह था.
एक बार फिर वो उसी लय में दिखे, उन्होंने उसी तरह सीधे बल्ले का प्रयोग किया, और मैदान पर उसी तरह धैर्य और आक्रामक बल्लेबाज़ी का मिश्रण दिखाया जिसके लिए उनकी गिनती दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ो में होती है.
शनिवार को खेले गए मैच में श्रीलंका ने भारत को भारी शिकस्त दी थी और 24 घंटों के अंदर ही भारत दुनिया की नंबर एक टीम के दर्जे से खिसक कर नंबर दो पर आ गया.
और उस हार का मलाल भारतीय टीम को अभी भी है ये कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के बयान से साफ़ झलक रहा था.
कॉंपैक कप पर क़ब्ज़े के बाद उन्होंने कहा कि एक दो अच्छे खिलाड़ियों के कारण ये जीत मिली है लेकिन इस टीम को अपनी ग़लती से सीखना होगा.
भारत की साधारण फ़ील्डिंग की तरफ़ इशारा करते हुए धोनी का कहना था, मैदान पर ग़लतियां हुई हैं और अगर हम दुनिया की नंबर दो टीम हैं तो हमें ये स्थान बरकरार रखने के लिए ग़लतियों से बचना होगा.’’
भारत ने टॉस जीतकर बल्लेबाज़ी का फ़ैसला किया था और विपक्षी टीम को चौंकाते हुए कप्तान धोनी ने सचिन और द्रविड़ से पारी शुरू करवाई.
एक ठोस शुरूआत के बाद जब द्रविड़ 39 के स्कोर पर आउट हो गए तो नंबर तीन पर धोनी आ गए और विपक्षी टीम को एक बार फिर से चौंकाया और 56 रनों की पारी खेली.
युवराज सिंह ने भी 56 रनों की बेहद तेज़ पारी खेली.
श्रीलंका की शुरूआत अच्छी और तेज़ रही और पहला विकेट 64 रनों पर गिरा.
लेकिन जयसूर्या इस बार पिछली बार की तरह नहीं चमक पाए और 36 रन बनाकर आउट हो गए. वहीं कांदंबी ने 66 रनों की अच्छी पारी खेली.
श्रीलंकाई बल्लेबाज़ी की कमर तोड़ी हरभजन सिंह ने 56 रनों पर पांच विकेट लेकर.
चैंपियंस ट्रॉफ़ी से ठीक पहले मिली इस ज़बरदस्त जीत से भारत का मनोबल ज़रूर मज़बूत होगा लेकिन कप्तान धोनी की सुनें तो ये तय लग रहा है कि भारतीय टीम फ़िलहाल जश्न में डूबने के मूड में नहीं है.
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