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पाक फैंस ने फखर जमान को बनाया मेजर, क्या इसके पीछे का कनेक्शन

भारत के खिलाफ फखर जमान ने खेली शानदार बल्लेबाजी, पाकिस्तान की सेना में दे चुके हैं अपनी सेवाएं

By Ankur

ओवल। भारत के खिलाफ जिस तरह से पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज फखर जमान ने शतक लगाकर पाकिस्तान के लिए काफी अहम भूमिका निभाई। फकर जमान जिस दौरान क्रीज पर बल्लेबाजी कर रहे थे, उनके सामने तमाम भारतीय गेंदबाज काफी बेबस नजर आए। फखर ने तकरीबन हर भारतीय गेंदबाज की धुनाई की। हालांकि वह हार्दिक पांड्या के दूसरे ओवर में कैच आउट हो गए थे, लेकिन इस गेंद के नो बॉल होने के बाद उन्हे जीवनदान मिला जिसका उन्होंने बखूबी फायदा उठाया।

फकर ने जिस तरह से भारत के खिलाफ शतक लगाया, पाकिस्तान में लोग उन्हें मेजर के तौर पर सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं। लोग उनकी तारीफ करते हुए उनकी पारी को पाकिस्तान के पहाड़ जैसे स्कोर की मुख्य वजह बता रहे है। आपको बता दें कि पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 338 रन बनाए, जिसके जवाब में भारत की टीम बुरी तरह से लड़खड़ा गई।



लेकिन कम ही लोगों का पता होगा कि फकर के पिता सेना से आते हैं, फकर के शानदार प्रदर्शन के बाद उनके पिता फाकिर गुल ने बताया कि उनका बेटा पाकिस्तान का फक्र है। बचपन में फखर के घरवाले यह नहीं चाहते थे कि वह क्रिकेट खेले, स्कूल की ओर से उनकी शिकायत आती थी कि वह ज्यादातर समय क्रिकेट के मैदान में बिताते हैं और पढ़ाई पर ध्यान नहीं देते हैं, शायद ही ऐसा कोई दिन हो जब स्कूल से घर लौटे और उनके कपड़े मिट्टी से सने ना हो।
फकर के पिता अक्सर उन्हें इस बात के लिए समझाया करते थे कि वह क्रिकेट पर ज्यादा ध्यान नहीं दें ,उन्हें इस बात का डर था कि कहीं खेल के चक्कर में वह अपनी पढ़ाई पूरी नहीं करे और बेहतर नौकरी नहीं पा सके। लेकिन जिस तरह से फकर ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया है उसके बाद उनकी काफी तारीफ हो रही है।

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अपनी हाई स्कूल तक की पढ़ाई करने के बाद फकर ने मर्दान में आगे की पढ़ाई के लिए दाखिला लिया, जिसके बाद फकर ने पाकिस्तान की नेवी में 2007 में काम करना शुरु कर दिया, नेवी में वह सेलर के पद पर कार्यरत थे। इस दौरान वह कभी-कभी ही मैच खेलते थे। इस दौरान नेवी क्रिकेट अकादमी में फकर के कोच आजम खान थे, उन्होंने उन्हें सलाह दी की वह ह नेवी में फिजिकल ट्रेनिंग के पद के लिए अपना आवेदन करें। फकर ने अपने कोच की सलाह मानते हुए उन्होंने इस पद पर आवेदन कर दिया। वर्ष 2013 में फकर ने नेवी छोड़ दिया, जिसके बाद उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट में अपना हाथ आजमाना शुरु किया और उनकी मुलाकात युनुस खान से हुई और उन्होंने लंबे संघर्ष के बाद टीम में जगह बनाई।

Story first published: Monday, November 13, 2017, 11:18 [IST]
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