नई दिल्ली। हाल ही में बीसीसीआई ने खिलाड़ियों की कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट जारी की है। इस बार की लिस्ट में एक श्रेणी (A +) को जोड़ा गया है। बुधवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने क्रिकेटरों के लिए सेंट्रल कॉन्ट्रेक्ट की नई सूची जारी की थी जिसमें पुरुष क्रिकेटरों के लिए एक नई श्रेणी A+ भी बनाई गई वहीं महिला क्रिकेटरों के लिए भी C ग्रेड बनाई गई। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पुरुषों की A + धोनी और कोहल ने सुझाई थी।
जी हां, दरअसल नई श्रेणी में कप्तान विराट कोहली सहित 5 खिलाड़ियों को जगह दी गई है। ग्रेड A+ में शामिल क्रिकेटरों को बोर्ड सालाना 7 करोड़ रुपये का भुगतान करेगा। लेकिन लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को ग्रेड A+ श्रेणी से पुरस्कृत करने का सुझाव खुद पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और मौजूदा कप्तान विराट कोहली ने दिया था। लेकिन इस श्रेणी में कोहली को तो जगह मिल गई लेकिन धोनी बाहर हो गए।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक टीम इंडिया के पिछले मुख्य कोच अनिल कुंबले ने पे स्ट्रक्चर (भुगतान संरचना) पर पहल की थी। सबसे पहले उन्होंने वरिष्ठ खिलाड़ियों से बात की और फिर इसे सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित क्रिकेट प्रशासकीय समिति (सीओए) समक्ष रखा था।
कुंबले ने पिछले साल मई में कोच पद छोड़ने से एक महीना पहले सीओए और बीसीसीआई के शीर्ष पदाधिकारियों के सामने नए सैलरी स्ट्रक्चर पर प्रेजेंटेशन भी दी थी। कुंबले के इस्तीफा देने के बाद सीएओ का खिलाड़ियों के वेतन वृद्धि मसले पर कोहली, धोनी, रोहित शर्मा और टीम इंडिया के मुख्य कोच रवि शास्त्री के साथ बैठकों का दौर चला। आखिरकार दिसंबर में खिलाड़ियों ने A+ श्रेणी अनुबंध की सिफारिश कर दी। खुद सीओए अध्यक्ष विनोद राय एक इंटरव्यू में कह चुके हैं कि यह सुझाव धोनी और विराट की तरफ से आया था। ये दोनों A+ कैटेगरी को शानदार प्रदर्शन करने वालों के लिए रखना चाहते थे।
इस हिसाब से धोनी का बाहर होना तय था। क्योंकि धोनी टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। मतलब ये हुआ कि धोनी उतने ही कम मैच खेलते हैं। जिन लोगों को A+ में रखा गया है वे क्रिकेट के तीनों फॉर्मट लगातार खेल रहे हैं। बुमराह ने अभी हाल ही में अफ्रीका दौरे पर टेस्ट में डेब्यू किया था। नई कॉन्ट्रैक्ट पॉलिसी के मुताबिक अधिक मैच खेलो अधिक वेतन पाओ।