वाटसन की 10 फीसदी मैच फ़ीस कटेगी
दिल्ली टेस्ट मैच में गौतम गंभीर के साथ हुए वाद-विवाद के लिए शेन वाटसन को दोषी पाया गया है और उनके मैच फ़ीस के 10 प्रतिशत का फ़ैसला लिया गया है.
रेफ़री ने पाया कि वाटसन ने गंभीर पर अनावश्यक टिप्पणी की जिसकी वजह से तनाव पैदा हुआ जो क्रिकेट की भावना के अनुरुप नहीं है.
गुरुवार को इस मामले की पूरी सुनवाई के बाद मैच रेफ़री क्रिस ब्रॉड ने यह फ़ैसला दिया. वैसे गौतम गंभीर पर भी अनुचित व्यवहार का एक मामला दर्ज किया गया है लेकिन उस मामले की सुनवाई शुक्रवार को सुबह तक के लिए टाल दी गई है.
मामला
भारतीय ओपनर गौतम गंभीर पर वाटसन की टिप्पणी उस समय आई थी जब खेल का 51वाँ ओवर चल रहा था. वाटसन की एक अच्छी गेंद पर जब गंभीर ने अच्छा शॉट लगाया तो वाटसन ने रन दौड़ते हुए गंभीर का रास्ता रोकने की कोशिश की और फिर उन पर कोई टिप्पणी की.
हालांकि इसका जवाब गंभीर ने अपने बल्ले से दिया और अगली गेंद पर छक्का मारकर अपना शतक पूरा किया. इसके जवाब में गंभीर ने भी बाद में वाटसन को कोहनी मारी थी. और इस मामले की सुनवाई अभी शेष है.
लेकिन दोनों अंपायरों ने यह मामला मैच रेफ़री को सौंप दिया और गुरुवार को इस मामले की सुनवाई हुई. अंपायरों बिली बाउडन, अलीम दर, तीसरे अंपायर सुरेश शास्त्री और चौथे अंपायर समीर बांदेकर की उपस्थिति में इस मामले की सुनवाई हुई. इस सुनवाई के दौरान ऑस्ट्रेलियाई टीम के कोच टिम निलसन और मैनेजर स्टीव बरनार्ड भी मौजूद थे.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने मीडिया के लिए जारी विज्ञप्ति में कहा है कि हालांकि वाटसन ने लेवल-1 के आरोपों के लिए अपने आपको निर्दोष बताया लेकिन रेफ़री ब्रॉड ने उन्हें दोषी पाते हुए मैच फ़ीस में 10 प्रतिशत की कटौती का फ़ैसला सुनाया.
मैच के बाद इस विवाद पर गंभीर ने कहा था कि वाटसन उनकी एकाग्रता भंग करना चाहते थे इसलिए वे ताना कस रहे थे.
रेफ़री ने पाया कि वाटसन ने गंभीर पर अनावश्यक टिप्पणी की जिसकी वजह से तनाव पैदा हुआ जो क्रिकेट की भावना के अनुरुप नहीं है.
गुरुवार को इस मामले की पूरी सुनवाई के बाद मैच रेफ़री क्रिस ब्रॉड ने यह फ़ैसला दिया. वैसे गौतम गंभीर पर भी अनुचित व्यवहार का एक मामला दर्ज किया गया है लेकिन उस मामले की सुनवाई शुक्रवार को सुबह तक के लिए टाल दी गई है.
मामला
भारतीय ओपनर गौतम गंभीर पर वाटसन की टिप्पणी उस समय आई थी जब खेल का 51वाँ ओवर चल रहा था. वाटसन की एक अच्छी गेंद पर जब गंभीर ने अच्छा शॉट लगाया तो वाटसन ने रन दौड़ते हुए गंभीर का रास्ता रोकने की कोशिश की और फिर उन पर कोई टिप्पणी की.
हालांकि इसका जवाब गंभीर ने अपने बल्ले से दिया और अगली गेंद पर छक्का मारकर अपना शतक पूरा किया. इसके जवाब में गंभीर ने भी बाद में वाटसन को कोहनी मारी थी. और इस मामले की सुनवाई अभी शेष है.
लेकिन दोनों अंपायरों ने यह मामला मैच रेफ़री को सौंप दिया और गुरुवार को इस मामले की सुनवाई हुई. अंपायरों बिली बाउडन, अलीम दर, तीसरे अंपायर सुरेश शास्त्री और चौथे अंपायर समीर बांदेकर की उपस्थिति में इस मामले की सुनवाई हुई. इस सुनवाई के दौरान ऑस्ट्रेलियाई टीम के कोच टिम निलसन और मैनेजर स्टीव बरनार्ड भी मौजूद थे.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने मीडिया के लिए जारी विज्ञप्ति में कहा है कि हालांकि वाटसन ने लेवल-1 के आरोपों के लिए अपने आपको निर्दोष बताया लेकिन रेफ़री ब्रॉड ने उन्हें दोषी पाते हुए मैच फ़ीस में 10 प्रतिशत की कटौती का फ़ैसला सुनाया.
मैच के बाद इस विवाद पर गंभीर ने कहा था कि वाटसन उनकी एकाग्रता भंग करना चाहते थे इसलिए वे ताना कस रहे थे.
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:20 [IST]
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