रिव्यू सिस्टम ने धोनी को विकेट से दूर रखा
लॉर्ड्स। भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही टेस्ट सीरीज में अगर रिव्यू सिस्टम लागू नहीं होता तो भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड को इतना बड़ा स्कोर बनाने से रोक सकते थे। वो भी अपनी कप्तानी से नहीं बल्कि अपनी गेंदबाजी की दम पर। मैच के दूसरे दिन जहीर की गैरमौजूदगी में धोनी ने गेंदबाजी करने का फैसला किया। उनके दूसरे ओवर की पहली गेंद पर अंपायर ने केविन पीटरसन को विकेट के पीछे कैच आउट दे दिया। उसी सयम पीटरसन ने रिव्यू लेने का फैसला किया। इसके बाद रिव्यू सिस्टम में थर्ड अंपायर ने मैदानी अंपायर का निर्णय बदलते हुए पीटरसन को नाट आउट करार दिया।
जिस समय अंपायर ने पीटरसन को धोनी की गेंद पर आउट करार दिया था उस समय पीटरसन का शतक भी पूरा नहीं किया था। एक तरह से रिव्यू सिस्टम की वजह से मिले जीवनदान का फायदा उठाते हुए पीटरसन ने शानदार नाबाद दोहरा शतक लगाते हुए 202 रन बनाए थे। पीटरसन की इस पारी की वजह से ही इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 474 रन बना लिए। तीसरे दिन इंग्लैंड ने अपने पहले दिन के स्कोर में लगभग 350 रन जोड़े।
इंग्लैंड की पारी के दौरान धोनी ने 8 ओवर की गेंदबाजी की और 23 रन दिए। वे इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में कामयाब रहे लेकिन कोई विकेट हासिल नहीं कर पाए। अगर रिव्यू सिस्टम नहीं होता तो भारत को पीटरसन का विकेट पहले ही हासिल हो जाता और इंग्लैंड इतने बड़े स्कोर तक नहीं पहुंच पाता। गौरतलब है कि कप्तान धोनी ने इस दौरे की शुरुआत से पहले ही रिव्यू सिस्टम का विरोध करते हुए इसे न लागू करने की मांग की थी। उनकी इस मांग के बाद बीसीसीआई ने भी रिव्यू सिस्टम का विरोध किया था।
फिलहाल रिव्यू सिस्टम ने कप्तान धोनी को अपने करियर के पहले टेस्ट विकेट से दूर कर दिया। इसके अलावा यह निर्णय भारत पर भी भारी पड़ा। पीटरसन को भारतीय गेंदबाज अंत तक आउट नहीं कर पाए और उन्होंने शानदार शतक लगाते हुए इंग्लैंड को मजबूत स्िथति में पहुंचा दिया। रिव्यू सिस्टम ने गेंदबाजी में भले ही धोनी का साथ न दिया हो लेकिन उम्मीद करते हैं कि बल्लेबाजी के दौरान अगर उन्हें इसकी जरूरत पड़े तो यह उनके फेवर में हो।
जिस समय अंपायर ने पीटरसन को धोनी की गेंद पर आउट करार दिया था उस समय पीटरसन का शतक भी पूरा नहीं किया था। एक तरह से रिव्यू सिस्टम की वजह से मिले जीवनदान का फायदा उठाते हुए पीटरसन ने शानदार नाबाद दोहरा शतक लगाते हुए 202 रन बनाए थे। पीटरसन की इस पारी की वजह से ही इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 474 रन बना लिए। तीसरे दिन इंग्लैंड ने अपने पहले दिन के स्कोर में लगभग 350 रन जोड़े।
इंग्लैंड की पारी के दौरान धोनी ने 8 ओवर की गेंदबाजी की और 23 रन दिए। वे इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में कामयाब रहे लेकिन कोई विकेट हासिल नहीं कर पाए। अगर रिव्यू सिस्टम नहीं होता तो भारत को पीटरसन का विकेट पहले ही हासिल हो जाता और इंग्लैंड इतने बड़े स्कोर तक नहीं पहुंच पाता। गौरतलब है कि कप्तान धोनी ने इस दौरे की शुरुआत से पहले ही रिव्यू सिस्टम का विरोध करते हुए इसे न लागू करने की मांग की थी। उनकी इस मांग के बाद बीसीसीआई ने भी रिव्यू सिस्टम का विरोध किया था।
फिलहाल रिव्यू सिस्टम ने कप्तान धोनी को अपने करियर के पहले टेस्ट विकेट से दूर कर दिया। इसके अलावा यह निर्णय भारत पर भी भारी पड़ा। पीटरसन को भारतीय गेंदबाज अंत तक आउट नहीं कर पाए और उन्होंने शानदार शतक लगाते हुए इंग्लैंड को मजबूत स्िथति में पहुंचा दिया। रिव्यू सिस्टम ने गेंदबाजी में भले ही धोनी का साथ न दिया हो लेकिन उम्मीद करते हैं कि बल्लेबाजी के दौरान अगर उन्हें इसकी जरूरत पड़े तो यह उनके फेवर में हो।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:19 [IST]
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