मुंबई। टीम इंडिया के मुख्य कोच की नियुक्ति के बाद रवि शास्त्री ने बीसीसीआई के एडवायजरी कमेटी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रवि शास्त्री ने खुद को टीम का कोच नहीं चुने जाने पर पूछा है कि उनके चयन में क्या दिक्कत थी। माना जा रहा है कि अनिल कुंबले को टीम इंडिया का कोच बनाये जाने में सौरव गांगुली ने मुख्य भूमिका निभायी थी।
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ऐसे में रवि शास्त्री ने एक अंग्रेजी अखबरा को दिये साक्षात्कार में सीधे तौर पर गांगुली से पूछा कि उन्हें उनसे क्या दिक्कत है। टीम इंडिया का कोच नहीं बनाये जाने पर रवि शास्त्री ने कहा कि उन्हें अब इस बात का कोई फर्क नहीं पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह बोर्ड का अधिकार है कि वह किसे टीम का कोच बनाना चाहती है।
सेलेक्शन प्रक्रिया के बारे में बोलते हुए रवि शास्त्री ने कहा कि मेरा काम था इंटरव्यू देना वो मैने दिया। अब अंदर क्या हुआ यह सेलेक्शन कमेटी ही बेहतर जानती है। उन्होने कहा कि बतौर टीम डायरेक्टर उन्होंने अपनी भूमिका पूरी इमानदारी से निभायी थी। शास्त्री ने कहा कि जब मैं टीम का डायरेक्टर था तो टीम टेस्ट में नंबर एक थी, वनडे में भी टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया।
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टीम में गेंदबाजी की सुधार की जरूरत थी, जिसे कुंबले अब बेहतर कर सकते हैं। रवि शास्त्री और सौरव गांगुली के बीच मतभेद की खबरें अक्सर आती रहती हैं। शास्त्री ने कहा कि जब उन्होंने इंटरव्यू दिया था तो सौरव गांगुली वहां मौजूद नहीं थे। उन्होंने कहा कि अब यह उनसे ही पूछना चाहिए कि उन्हें मुझसे क्या दिक्कत थी।