नई दिल्ली। ऋषभ पंत पर एक बार फिर क्रिकेट प्रेमियों का गुस्सा सोशल मीडिया पर निकलता दिखाई दे रहा है। पंत को भविष्य का विकेटकीपर देखा जा रहा है क्योंकि महेंद्र सिंह धोनी अब कभी भी संन्यास का ऐलान कर सकते हैं, लेकिन पंत अभी भी सीखने के दाैर में हैं। भारत को अरूण जेटली स्टेडियम में रविवार बांग्लादेश के हाथों 3 टी20 मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। बांग्लादेश टी20 इतिहास में पहली बार भारत को हराने में कामयाब हुआ। मैच के बाद पंत निशाने पर आए। उनपर आरोप लगा कि साैम्य सरकार के खिलाफ डीआरएस लेने के लिए पंत ने रोहित शर्मा को कहा जो गलत साबित हुआ। वहीं अब रोहित ने कहा कि ये उनका फैसला था।
मुशफिकुर रहीम के डीआरएस कॉल पर बात करते हुए कहा, यह रिव्यू मैंने ऋषभ पंत के कहने पर नहीं लिया था।'' रोहित ने कहा, ''जब आप सही स्थिति में नहीं होते हैं तो आपको अपने गेंदबाज और विकेटकीपर पर भरोसा करना होता है ताकि फैसला लिया जा सके।'' पंत का बचाव करते हुए रोहित ने कहा कि पंत काफी युवा है, उन्होंने 10-12 टी20 मैच ही खेले हैं। उनको चीजें समझने में अभी जरा वक्त लगेगा। रोहित ने आगे कहा, ''अभी यह कहना काफी जल्दबाजी होगी कि ऋषभ पंत इस तरह के फैसले लेने में अभी सक्षम हैं या नहीं। हमें उन्हें समय देना होगा। हमें गेंदबाज को भी वक्त देना होगा, क्योंकि डीआरएस में गेंदबाज और विकेटकीपर के बीच समझ होना बेहद जरूरी है।''
बता दें कि पंत डीआरएस लेने में कमजोर साबित हुए। उनकी कुछ फैसलों के कारण भारत हार के करीब गया जिसे देख फैंस सोशल मीडिया पर गुस्सा जाहिर करते दिखे। बांग्लादेश की पारी के दसवें ओवर में पंत ने 3 बड़ी गलतियां की। उस समय ओवर फेंक रहे थे युजवेंद्र चहल। इस ओवर के आखिरी गेंद पर पंत ने विकेट के पीछे सौम्य सरकार की कैच अपील की। अंपायर ने तो इसे नकार दिया लेकिन कप्तान रोहित शर्मा ने पंत से पूछा कि गेंद लगी है कि नहीं। वहीं पत ने आत्मविश्वास से डीआरएस लेने के लिए कह दिया मामला जब थर्ड अंपायर के पास गया तो रिप्ले में दिखा कि गेंद बल्ले से लगी नहीं। सरकार नाॅटआउट रहे, जिसपर रोहित ने भी माथा पकड़ लिया। इसके बाद स्टेडियम धोनी-धोनी नाम से गूंज उठा।