सोमवार को प्रोविडेंस स्टेडियम में वेस्टइंडीज के साथ खेले गए अहम ग्रुप मुकाबले में इंग्लैंड को डकवर्थ-लेविस नियमों के आधार पर हार मिली थी। इस हार ने इंग्लैंड को मुश्किल में डाल दिया है।
सुपर-8 में पहुंचने के लिए अब उसे आयरलैंड के साथ खेले जाने वाले ग्रुप-डी के मुकाबले को किसी भी कीमत पर जीतना होगा। हार की सूरत में इंग्लैंड इस विश्व कप से बाहर हो जाएगा।
कोलिंगवुड ने कहा, "जहां तक ट्वेंटी-20 क्रिकेट की बात है तो डकवर्थ-लेविस नियम में कई समस्याएं हैं। एकदिवसीय मैचों के लिहाज से यह नियम ठीक है लेकिन ट्वेंटी-20 के लिहाज से इसमें बदलाव की जरूरत है।"
इंग्लैंड की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए पांच विकेट पर 191 रन बनाने के बाद भी वेस्टइंडीज के हाथों हार गई। कोलिंगवुड को इस बात का खासा अफसोस है कि न सिर्फ उनके बल्लेबाजों की मेहनत बेकार गई बल्कि उन्हें अतिरिक्त दबाव झेलना पड़ रहा है।
बकौल कोलिंगवुड, "191 रन बनाने के बाद 95 फीसदी मामलों में जीत मिलती है। हम यह मैच जीत सकते थे लेकिन नियम की कमी के कारण हमें न सिर्फ हार मिली बल्कि हमें जबरदस्त दबाव से गुजरना पड़ रहा है।"
ग्रुप-डी से वेस्टइंडीज की टीम अपने दोनों मैच जीतकर सुपर-8 में पहुंच चुकी है। इंग्लैंड को मंगलवार को आयरलैंड से भिड़ना है और सुपर-8 में पहुंचने के लिए उसे यह मैच जीतना ही हो।
विश्व कप में हिस्सा ले रही 12 टीमों को तीन-तीन के चार ग्रुप में विभाजित किया गया है। प्रत्येक ग्रुप से दो टीमें सुपर-8 के लिए क्वालीफाई करेंगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।