कौन हैं विजय शंकर जिन्हें ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या की 'जगह' मिल सकता है मौका
नई दिल्ली। भारतीय टीम ने मेलबर्न वनडे मैच में तीन बदलाव किए थे। इन बदलावों में एक खिलाड़ी हैं- विजय शंकर। चेन्नई के इस ऑलराउंडर को भारत के लिए वनडे मैच में पदापर्ण करने का मौका मिला है। शंकर भारत की ओर से वनडे मैच खेलने वाले 226वें खिलाड़ी बने हैं। खास बात यह है शंकर को यह मौका 'कॉफी' पीकर विवाद में फंसे हार्दिक पांड्या के बाहर हो जाने के बाद मिला है। ऐसे में यह स्वभाविक ही है कि शंकर को हार्दिक के एक विकल्प के तौर पर भी देखा जा रहा है। आइए भारत के इस युवा ऑलराउंडर के बारे में कुछ और बातें जानते हैं-

विजय शंकर का सफर-
विजय शंकर ने बतौर फर्स्ट क्लास क्रिकेटर 2012 में अपना सफर शुरू किया था। 2014-15 के रणजी सीजन में ही वह चयनकर्ताओं की निगाह में आ गए थे। उनके शानदार प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय ए टीम में जगह दिलाई। इस दौरान ऑलराउंडर होना उनके लिए फायदेमंद भी साबित हुआ। शंकर ने भारतीय घरेलू क्रिकेट के फर्स्ट क्लास मैचों (41) में 47.70 के औसत से 2099 रन बनाए हैं जबकि उन्होंने 32 विकेट लिए हैं। इन मैचों में उनका गेंदबाजी औसत काफी ज्यादा रहा है जो कि लगभग 51 रन प्रति विकेट है। लेकिन लिस्ट ए के मैचो में उनका बेहतर प्रदर्शन छोटे फार्मेट में उनको कहीं बेहतर खिलाड़ी बनाता है। शंकर ने 58 लिस्ट ए मैचों में 43 विकेट लिए हैं और उनका औसत रहा है 31.18, वहीं बल्लेबाजी में उन्होंने 37 की औसत से बल्लेबाजी करते हुए रन बनाए हैं।
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जब निदहास ट्रॉफी में शंकर ने झेली सबकी आलोचना
यह शंकर का भले ही भारत की वनडे टीम में डेब्यू हो लेकिन टी20 मैचों के जरिए उनको अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के लिए खेलने का अनुभव है। विजय ने पिछले साल श्रीलंका के खिलाफ मार्च में अपना वनडे डेब्यू किया था। अब तक उन्होंने पांच टी20 खेले हैं जिसमें में उन्होंने नौ के इकोनॉमी रेट से तीन विकेट लिए हैं। वहीं, अपनी इकलौती बल्लेबाजी पारी 17 रन बनाने वाले इस हरफनमौला खिलाड़ी को श्रीलंका में खेले गए निदाहस ट्रॉफी टी20 अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के फाइनल में उस समय काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी जब वह मुस्ताफिजुर रहमान की गेंदों को समझने में विफल रहे थे। जबकि क्रीज के दूसरे छोर पर दिनेश कार्तिक ने यादगार फिनिशिंग करते हुए भारत को मैच जिताया था।
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राहुल द्रविड़ ने दिलाया था आत्मविश्वास
उस घटना के बाद से शंकर अब बहुत आगे आ चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर चुने जाने के बाद दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने कहा भी था कि अब वे मैच को मैच को फिनिश करने की कला सीख चुके हैं। शंकर ने भारत ए टीम की ओर से शानदार बल्लेबाजी करते हुए इस दौरान काफी रन बनाए। शंकर ने माना कि मुश्किल समय में उनको महान राहुल द्रविड़ से काफी आत्मविश्वास हासिल हुआ। इसी विश्वास का नतीजा था कि 27 साल के इस ऑलराउंडर ने इंडिया-ए के लिए न्यूजीलैंड दौरे पर 94 के औसत से 188 रन बनाए।
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