सचिन के बिना क्रिकेट... जैसे बिना नमक के भोजन...
बैंगलोर। जहां भारतीय क्रिकेट सचिन तेंदुलकर को लेकर इंटरनेशनल मीडिया उनके गुणों का बखान कर रहा है वहीं दूसरी ओऱ पाकिस्तानी मीडिया का कहना है कि बिना सचिन के भारतीय क्रिकेट गरीब और दरिद्र हो जायेगा क्योंकि सचिन केवल एक खिलाड़ी नहीं हैं बल्कि वह एक ब्रांड है जिसकी वजह से भारतीय लोग उनकी हर एक बात पर भरोसा करते हैं।पाकिस्तानी मीडिया कि इस खबर के बाद सचिन को लेकर आम लोगों ने भी फेसबुक पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
कुछ लोगों ने फेसबुक पर लिखा है कि सचिन के बिना क्रिकेट...जैसे बिना गहनों के दुल्हन...सचिन के बिना क्रिकेट... जैसे बिना नमक के भोजन...सचिन के बिना क्रिकेट...जैसे बिना मीठे के मिठाई....सचिन के बिना क्रिकेट...जैसे बिना रस के फल..सचिन के बिना क्रिकेट... जैसे बिना मूर्ति का मंदिर...सचिन के बिना क्रिकेट...जैसे बिना पानी की नदी...सचिन के बिना क्रिकेट...जैसे बिना पेड़-पौधों के जंगल...सचिन के बिना क्रिकेट...जैसे बिना सांस की देह....सचिन के बिना क्रिकेट...जैसे अब भारतीय टीम....अलविदा...सचिन....अब टीवी पर जब मैच देखेंगे तो आपके बिना वो बहुत नीरस होगा....लेकिन 24 साल तक देश के खेल प्रेमियों को खुशियां बांटने के लिेये धन्यवाद....
तो वहीं बॉलीवुड ने भी सचिन के लिए कहा है कि भले ही सचिन की क्रिकेट की पारियां खत्म हो सकती हैं लेकिन क्रिकेट के बादशाह सचिन आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करते रहेंगे। आपको अंदाजा हो गया होगा कि क्रिकेट प्रेमी अपने भगवान सचिन के संन्यास की घोषणा से किस हद तक मायूस हैं।
आपको बता दें कि क्रिकेट की दुनिया के सरताज सचिन ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि नवंबर में वेस्टइंडीज के साथ अपना 100वां टेस्ट मैच खेलने के बाद वह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास ले लेंगे।
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नसीरुद्दीन शाह
यह दुखद है, लेकिन यह तो होना ही था। इतने लंबे समय तक खेलने के लिए हमें उनका शुक्रिया करना चाहिए। आशा है कि उनकी बाकी जिंदगी वैसे ही खुशी में बीते, जैसी खुशी उन्होंने हमें दी है।

सोनू सूद
सचिन तेंदुलकर के बिना क्रिकेट कभी पूरा नहीं हो सकता। मुझे लगता है कि सचिन के बिना दुनिया भर के करोड़ों क्रिकेटप्रेमी क्रिकेट में अपना रुझान खो देंगे। मुझे नहीं पता कि मैं उतनी उत्सुकता से मैच देंखूगा या नहीं।

नवाजुद्दीन सिद्धीकी
वह क्रिकेट की दुनिया के महान आदर्श हैं, उनका खेल जीवन के हर क्षेत्र में पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। सचिन की जगह कोई नहीं ले सकता।

शैलेंद्र सिंह (निर्माता और खेलप्रेमी)
एक पारी का अंत हमेशा दूसरी पारी की शुरुआत करता है। मैदान पर सचिन की पारियां खत्म हो गईं लेकिन अब मैदान से बाहर उनकी पारी की शुरुआत हो गई। सचिन तेंदुलकर भारत और दुनिया भर के लिए खेल आइकन हैं। उनमें पीढ़ियों को प्रेरित करने की ऊर्जा है।

पाकिस्तानी मीडिया
पाकिस्तानी मीडिया का कहना है कि बिना सचिन के भारतीय क्रिकेट गरीब और दरिद्र हो जायेगा क्योंकि सचिन केवल एक खिलाड़ी नहीं हैं बल्कि वह एक ब्रांड है।
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