नेल्लोर। जैसा कि हमने आपको बताया था कि भारत रत्न सचिन तेंदुलकर ने सासंद आदर्श ग्राम योजना के तहत नेल्लोर के पुट्टमराजू कंडरीगा गांव को गोद लिया है जिसका पहला दौरा उन्होंने रविवार को किया। सचिन जब गांव पहुंचे तो वहां लोगों ने बेहद ही गर्मजोशी से उनका स्वागत किया।लोग सचिन की एक नजर पाने के लिए बेताब और बेकरार दिखे। आपको बता दें कि नेल्लोर के पुट्टमराजू कंडरीगा गांव पर सचिन अपने सांसद फंड से चार करोड़ रुपए खर्च करेंगे।
आप सभी को हैरानी हो रही होगी कि सचिन, जो कि क्रिकेट की दुनिया के बेताज बादशाह और भारत रत्न हैं, उन्होंने महाराष्ट्र, जो कि उनकी मातृभूमि है, के गांव को छोड़कर आंघ्र प्रदेश के गांव को गोद क्यों लिया तो इसका राज उन्होंने खुद ही खोल दिया। सचिन ने बताया कि उन्होंने पुट्टमराजू कंडरीगा गांव इसलिए गोद लिया क्योंकि इस गांव से मात्र 7-8 किमी की दूरी पर उनका आश्रम है, जो उनके जीवन में बहुत ज्यादा महत्व रखते हैं। जी हां आपने सही समझा हम बात कर रहे हैं पुट्टपुर्थी के सत्य साईं बाबा की,जिनका सचिन के जीवन में खासा महत्व हैं, उनकी मृत्यु पर सचिन का फूट-फूट कर रोना, उनके प्रति सचिन के प्रेम और आस्था को पूरी तरह से बयां करता है। कंडीरंगा गांव भी साईं के दिल के करीब कहा जाता था और इसलिए ही सचिन ने इस गांव को गोद लिया है।
पिछले दिनों सचिन ने पीएम मोदी से इसी सिलसिले में मिले थे और अपनी मंशा और फैसले के बारे में पीएम को बताया था। सचिन ने आज ग्रामवासियों से कहा कि इस गांव को गोद लेकर मैंने अपनी पहली पारी शुरूआत कर दी है लेकिन दूसरी पारी तो आप लोग खेलेंगे इस गांव को विकास के पथ पर ले जाकर। पुट्टमराजू कंडरीगा गांव के बच्चों से सतिन ने कहा कि आप लोग हमेशा जब भी खाना खायें तो हाथ धोकर खायें क्योंकि बिना हाथ धोये खाना खाने से बहुत सारी बीमारियां फैलती हैं। सचिन ने खुद बच्चों को स्वच्छता के मंत्रों को बच्चों से अवगत कराया।
सचिन के गोद लिये हुआ गांव पुट्टमराजू कंडरीगा नेल्लोर जिले में गुदुर शहर से 20 किलोमीटर की दूरी पर है जो कि बदहाली और बदसूरती से बहाल है लेकिन सचिन ने इस गांव को स्मार्ट गांव बनाने कै फैसला किया है। सचिन ने कहा कि बहुत जल्द लोग इस गांव में सारी सुविधाएं देखेंगे, इस गांव में वो सबकुछ होगा जो कि एक स्वस्थ और स्वच्छ जीवन को जीने के लिए जरूरी होता है। सचिन ने कहा कि उन्हें तेलूगू नहीं आती है लेकिन फिर भी वो इस गांव के लिए समुचित विकास का प्रयत्न करेंगे और उम्मीद जताई कि बहुत जल्द गांव में स्कूल, सडक, अस्पताल, वाई-फाई, बिजली और पीने का पानी होगा।