नई दिल्ली। हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वो अपने प्रदर्शन से अपनी एक ऐसी पहचान बनाए जिससे की उसका और उसके देश दोनो का नाम ऊंचा हो। हालांकि इस सपने को पाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है, अपने कल को बेहतर बनाने के लिए आज को मेहनत की भट्ठी में झोंकना होता है लेकिन यकीन मानिए कि जब वो मेहनत मूर्त रूप लेना शुरू करती है तो मिसाल की नई गाथाएं लोगों की जुबान पर होती हैं। ऐसी ही एक मिसाल है भारत की अंडर-19 टीम में शामिल हुए यशस्वी जायसवाल। यशस्वी उत्तर प्रदेश के भदोही के हैं और शुरुआती दिनों में उन्हें अपना पेट पालने के लिए गोल गप्पे बेचने पड़े और रातें गुजारने के लिए कभी टेंट तो कभी फुटपाथों का सहारा लेना पड़ा, लेकिन आज क्रिकेट की दुनिया में वो एक नई पहचान हैं। ऐसे में क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने इस युवा क्रिकेटर को अपने घर बुलाया और उन्हें अपना बल्ला गिफ्ट किया।
हुआ कुछ यूंः दरअसल कोच ज्वाला सिंह की नजर यशस्वी पर पड़ी तो वहां से उनकी क्रिकेट को नई दिशा मिली। यशस्वी का चयन श्रीलंका दौरे पर जाने वाली भारत की अंडर-19 टीम में हुआ है, जिसमें सचिन के बेटे अर्जुन तेंदुलकर भी शामिल हैं। हालांकि, यशस्वी वनडे टीम का हिस्सा हैं, जबकि अर्जुन चार दिवसीय टीम का। ऐसे में सचिन को जब यह बात पता चली तो सचिन ने अर्जुन के माध्यम से उन्हें अपने घर बुलाया। सचिन से मुलाकात पर यशस्वी ने कहा कि मुझे अर्जुन ने कहा कि मेरे पापा तुमसे मिलना चाहते हैं। उन्होंने तुम्हें घर बुलाया है। यह सुनकर मुझे इतनी ज्यादा खुशी हुई, जिसे मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता। मैं उनके घर गया तो उन्होंने करीब 40-45 मिनट तक मुझे टिप्स दिए। उन्होंने मुझे शुभकामनाएं देते हुए अपने ऑटोग्राफ वाला बैट भी दिया। उन्होंने कहा, खेल पर फोकस होना बहुत जरूरी है। मैं अर्जुन से कहता हूं वही तुम्हें भी कहूंगा। यह तुम्हारे लिए अच्छा मंच है। यहां अच्छा करोगे तो इस मंच पर तुम्हारे भविष्य की इमारत खड़ी होगी। अब यह तुम्हारे ऊपर है कि तुम इस इमारत को कितना ऊंचा बना सकते हो लेकिन, अपना स्वभाव नहीं बदलना और पैर हमेशा जमीन पर रखना। यशस्वी सचिन के साथ फोटो खिंचवाना चाहते थे, लेकिन नर्वस होने की वजह से वह सचिन को इसके लिए बोल नहीं सके। वह कहते हैं कि यदि सचिन सर से दोबारा मिलने का मौका मिला तो फोटो जरूर खिंचाऊंगा।