अपने करिअर में दुनिया के हर मैदान पर अपनी बल्लेबाजी का जलवा दिखा चुके सचिन तेंदुलकर के कद का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें कभी टीम इंडिया से बाहर नहीं किया गया बल्कि उन्हें आराम दिया गया। जो कि सचिन की मर्जी से ही तय होता था। उनके अलावा अन्य समकालीन खिलाड़ी खराब प्रदर्शन करने पर टीम से बाहर किये गये। वहीं जब जब सचिन के फॉर्म पर सवाल उठाये गये तो सचिन ने शानदार वापसी कर अपने आलोचकों को भी प्रशंसा करने के लिए मजबूर कर दिया। टीम इंडिया द्वारा विश्वकप 2011 जीतने के बाद उम्मीद की जा रही थी कि सचिन अब क्रिकेट से दूर हो जाएंगे पर उन्होने खेलना जारी रखा और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सौ शतकों का रिकॉर्ड बनाया।
आज बीसीसीआई को लिखे गये अपने पत्र में उन्होने बोर्ड का आभार प्रकट किया। क्रिकेट के सर्वकालिक महान खिलाडि़यों ने शुमार सचिन की तुलना उनके समकालीन ब्रायन लारा और सर डॉन ब्रेडमैन से की गई, पर क्रिकेट विशेषज्ञों की यही राय है कि वह आधुनिक क्रिकेट के महानतम खिलाड़ी हैं। वह सिर्फ युवा खिलाडि़यों को नहीं बल्कि आने वाली कई पीढि़यों को प्रेरित करते रहेंगे।
सचिन ने अब तक टेस्ट क्रिकेट के 198 मैचों में 15837 रन बनाये हैं, जिसमें उन्होने 51 शतक लगाये हैं।