यह उनके करियर का 68वां और वानखेड़े में नौवां अर्धशतक है। सचिन ने अपना अंतिम शतक 2 जनवरी 2011 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लगाया था।
अपने आखिरी टेस्ट मैच खेल रहे सचिन के अर्धशतक पूरा करते ही दर्शकों का उत्साह दोगुना हो गया। इसके बाद दर्शकों ने सचिन के हर शॉट का लुत्फ लिया और जब वह आउट हुए तो स्टेडियम में मौजूद हर शख्स ने खड़े होकर इस महान खिलाड़ी को विदाई दी। सचिन दूसरी पारी में बल्लेबाजी के लिए उतरेंगे या नहीं, यह कहना मुश्किल है लेकिन किवदंती बन चुके इस खिलाड़ी ने अपनी 118 गेंदों की पारी के दौरान 12 आकर्षक चौके लगाकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
सचिन के शतक की उम्मीद में सुबह से वानखेड़े के बाहर लम्बी कतारें लगी थीं। हर कोई सचिन से बड़ी पारी की उम्मीद लगाए था। पहले दिन की तुलना में दर्शकों में जबरदस्त उत्साह था। इसका कारण सचिन ही थे, जो दिन की शुरुआत से ही बल्लेबाजी के लिए आने वाले थे। सचिन तेंदुलकर स्टैंड पर पहले दिन से ज्यादा चहल-पहल दिखी। चूंकी कैमरे उधर की तरफ ज्यादा रुख कर रहे थे, लिहाजा आज के दिन दर्शक अधिक तैयारी के साथ पहुंचे थे।