हार कर जीतने वाले को बाजीगर नहीं माही कहते है..
बैंगलोर। कभी बड़े मुकाबलों में बिखर जाने वाली टीम की छवि रखने वाली भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों जीत के रथ पर सवार है और रथ है कि एक के बाद एक सफलता के पड़ाव पार करता चला जा रहा है। टीम इंडिया के प्रदर्शन की समीक्षा करने पर पता चलता है कि टीम का कप्तान एक ऐसा करिश्माई खिलाड़ी है जो कि किसी भी हारी हुई बाजी को जीत में बदल सकता है। विश्वकप 2011 के फाइनल में खेली गई मैच जिताउ पारी हो या कल श्रीलंका के खिलाफ मुश्किल में खेली गई 45 रनों की पारी कप्तान महेंद्र सिंह धोनी हमेशा ही टीम के मसीहा के रूप में नजर आये।
याद कीजिये चैम्पियंस ट्रॉफी का 18वां ओवर जब धोनी ने ईशांत शर्मा को फिर बॉलिंग पर लाकर सबको चौंका दिया था। वहीं टी20 विश्वकप 2007 के फाइनल में एक हारे हुए मैच में धोनी ने आखिरी ओवर करने के लिए जोगिन्दर शर्मा को गेंद थमायी और टीम इंडिया को पहला टी20 विश्वकप चैम्पियन बनने का गौरव हासिल हुआ। ऐसे कई मौके हैं जब धोनी ने अपनी नेतृत्व क्षमता और साहसी फैसलों से सबको चकित कर दिया और टीम को जीत दिलाई।
कोई उन्हें भाग्य का महाधनी कहता है तो कोई उन्हें अदम्य साहसी खिलाड़ी। लेकिन इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता है कि धोनी की कप्तानी में ही टीम इंडिया चैम्पियन बनने का दशकों पुराना सपना पूरा कर सकी। टीम को टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक पर ले जाने का कारनामा धोनी की कप्तानी में ही संभव हो सका।
वेस्टइंडीज में सम्पन्न हुई त्रिकोणीय सीरीज में जीत के साथ ही धोनी भारतीय क्रिकेट के निर्विवादित रूप से सबसे महान कप्तान बन गये हैं।

महेन्द्र सिंह धोनी
टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में 45 रनों की पारी खेली, जिसमें उन्होने छक्का मार कर टीम को जीत दिलाई और साबित कर दिया कि वह विश्व के सबसे अच्छे मैच फिनिशरों में से एक हैं।

कप्तानी पारी
धोनी ने विश्वकप 2011 की तरह ट्राईनेशन सीरीज के फाइनल में भी महत्वपूर्ण पारी खेली।

विजेता टीम
सेल्कॉन मोबाइल कप से पहले टीम इंडिया ने धोनी के नेतृत्व में चैम्पियंस ट्रॉफी में जीत हासिल की थी।

शानदार कप्तान
दुनिया भर के क्रिकेट विशेषज्ञ मानते हैं कि धोनी आज के दौर के महानतम कप्तानों में से एक हैं।

महेंद्र सिंह धोनी
धोनी ही दुनिया में एक मात्र ऐसे कप्तान हैं जिन्होने आईसीसी के तीनों फार्मेट के कप जीते हैं। वह टी20 विश्वकप, विश्वकप 2011 और चैम्पियंस ट्रॉफी जीत चुके हैं।

धोनी ने फिर कर दिखाया
पचासवें ओवर की गेंद पर छक्का लगाकर धोनी ने मैच जिताया।

ईशांत और धोनी
जीत के बाद उत्साहित ईशांत ने धोनी को उठा लिया।

धोनी ने अपनी पारी से टीम को मजबूती दी
अपनी 45 रनों की आकर्षक पारी के दौरान एक्शन में महेंद्र सिंह धोनी।

भुवनेश्वर कुमार ने दो विकेट लिये
लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को मैन आफ द सीरीज का खिताब दिया गया।

जश्न मनाते टीम के खिलाड़ी
श्रीलंका का एक विकेट लेने के बाद जश्न मनाते टीम इंडिया के खिलाड़ी।

रोहित ने लगाया अर्द्धशतक
रोहित शर्मा ने एक बार फिर अर्द्धशतक लगाकर टीम की जीत की आधारशिला रखी।

ड्राइव लगाते रोहित शर्मा
अपनी पारी के दौरान ड्राइव लगाते रोहित शर्मा।

रैना और भुवनेश्वर
विकेट लेने के बाद रैना के साथ खुशी मनाते भुवनेश्वर कुमार।

रंगना हेरथ को धोनी ने स्टंप कर दिया
रंगना हेरथ जैसे ही आगे बढ़े धोनी ने उन्हें स्टंप आउट कर दिया।

श्रीलंका की पारी के दौरान रैना
फील्डिंग करते हुए रैना श्रीलंकाई खिलाड़ी थिरिमाने से भिड़ गये।

शामिंडा इरांगा
टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन को आउट करने के बाद शमिंडा इरांगा।

कुमार संगकारा ने 71 रन बनाये
श्रीलंकाई खिलाड़ी कुमार संगकारा ने फिर से बेहतरीन खेल दिखाते हुए 71 रन बनाये।
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