
2013 में सचिन ने लिया था संन्यास
सचिन तेंदुलकर ने साल 2013 में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से रिटायरमेंट का ऐलान किया था। उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2013 में चैंपियंस लीग टी-20 मैच के दौरान मैं दिल्ली में था। मेरी सुबह की शुरूआत जिम में वर्कआउट से होती है, ये रुटिन मैं पिछले 24 साल से अपना रहा था, लेकिन अक्टूबर की उस सुबह मुझे कुछ बदला सा लगा। मुझे महसूस हुआ कि मैं खुद को जबरन जगाता हूं और ऐसे दिन की शुरूआत करता हूं। मैं जानता था कि जिम ट्रेनिंग, क्रिकेट का अहम हिस्सा है- जो 24 साल से मेरे जीवन में चल रहा था। हालांकि उस दिन कुछ अलग लग रहा था...पता नहीं क्यों? ये संकेत क्या इस ओर इशारा कर रहे थे कि मुझे रुक जाना चाहिए?

क्रिकेट के बाद शुरू हुई दूसरी पारी का किया जिक्र
क्या ये इस ओर इशारा कर रहा था कि जो खेल इतने दिनों से उनके साथ जुड़ा हुआ था...अब ज्यादा दिन उनके रुटिन में नहीं रहने वाला है। इस पूरे घटनाक्रम के करीब एक महीने बाद उन्होंने संन्यास का ऐलान कर दिया। उन्होंने बताया कि उनकी पहली पारी उनके सपनों को पूरा करने वाली थी। दूसरी पारी उनके संतुष्टी के लिए है। मैं चाहता हूं कि जिस खेल ने मुझे बनाया मैं उसे भी कुछ दूं। खास तौर से उससे जुड़े समाज और प्रभावित हुए लोगों के लिए कुछ करना चाहता हूं।

किन-किन प्रोजेक्टस से जुड़े हैं सचिन?
स्कोप भले बदला हुआ हो लेकिन चाहता हूं इसमें भी अपना सबसे अच्छा दे सकूं। सचिन अपनी पोस्ट में लिखते हैं कि मैं अभी भी सीख रहा हूं, अभी भी नई चीजें खोज रहा हूं, नए लोगों से बैठक करता हूं और अपने रास्ते के लिए, इसे आसान बनाने की कवायद में जुटा हुआ हूं। उन्होंने बताया कि क्रिकेट के बाद मैंने आंध्र प्रदेश के एक गांव पुट्टमराजू कंडरिगा को गोद लिया है। इस गांव में जरुरी विकास को लेकर कोशिश कर रहा हूं। एक प्रोजक्ट है स्प्रीडिंग हैपीनेस, उसमें मैं शामिल हूं। इसमें प्रभावित इलाकों में बिजली पहुंचाने की कोशिश होती है।

ये है उनका आगे का प्लान...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ा हुआ हूं। अक्टूबर 2016 में एसआरटी स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी लॉन्च किया था, ये एक फर्म है जो भारत और इससे बाहर खेल प्रबंधन के क्षेत्र में नई जमीन हासिल करने के लिए की तलाश करेगी। उन्होंने बताया क्रिकेट से अलग उन्होंने केरला ब्लास्टर्स फुटबॉल टीम के को-ऑनर बने, इंडियन सुपर लीग में उन्हें कई बार खुशी का मौका दिया। आखिर में उन्होंने बताया कि आखिर उनके जीवन में ये बदलाव कितने अहम हैं। मुझे पता है कि ज्यादा समय परिवार, यात्रा, महत्वाकांक्षा को पूरा करने और खुद को एक्सप्लोर करने में करना है।


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