एक क्रिकेट प्रशंसक हेमंत दुबे द्वारा दाखिल की गई आरटीआई याचिका में बताया गया है कि प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा खेल मंत्रालय से 14 नवंबर 2013 को 1 बजकर 35 मिनट पर खेल मंत्रालय से सचिन तेंदुलकर का बायोडाटा मंगवाया गया। जिसके बाद मंत्रालय ने पीएमओ को शाम 5 बजकर 22 मिनट पर बायोडाटा भेज दिया।
आरटीआई के दस्तावेजों के अनुसार सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सचिन को भारत रत्न देने का प्रस्ताव राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को भेज दिया, राष्ट्रपति ने उस पर मोहर लगा दी। राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद प्रधानमंत्री ने पत्र लिखकर सचिन तेंदुलकर को इस सम्मान के बारे में सूचना दी।
गौर हो कि अभी तक सचिन को भारत रत्न देने के पीछे राहुल गांधी का दखल माना जा रहा था, जो कि मुंबई टेस्ट देखने के लिए गये थे। कल सचिन को यह सम्मान दे दिया जाएगा। सचिन को 'भारत रत्न' देने का समर्थन कई और पूर्व खिलाड़ी भी कर चुके हैं वहीं कुछ लोग इस पर आपत्ति जता रहे हैं।
सचिन ने 24 वर्षों तक भारत के लिए क्रिकेट खेला और इस दौरान वह विवादों से दूर रहे। वह अपने शानदार खेल के अलावा साफ सुथरे व्यक्तित्व के लिए भी जाने जाते हैं। सचिन ने 200 टेस्ट मैंचों में 51 शतकों और 68 अर्द्धशतकों की मदद से 15,921 रन बनाये। टेस्ट के अलावा सचिन ने 463 वनडे मैचों में 49 शतक और 96 अर्द्धशतकों की मदद से 18,426 रन बनाये।